

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित दबाव और मानसिक तनाव के बीच कई लोगों की मृत्यु का मामला सामने आया है। मृतकों में आम नागरिकों के साथ-साथ बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) और अन्य निर्वाचन कर्मी भी शामिल हैं। इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल टीएमसी ने बार-बार चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया है और कार्यप्रणाली को अव्यवस्थित व अत्यधिक दबावपूर्ण बताया है।
नवान्न सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया है कि SIR कार्य के दौरान जान गंवाने वाले 61 लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को नियुक्ति देने की तैयारी है। हालांकि किस विभाग में और कब नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, इस पर अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू हुआ था और 28 फरवरी को अंतिम सूची प्रकाशित होने वाली है। कम समय में व्यापक प्रक्रिया पूरी करने के दबाव ने कई कर्मियों को मानसिक रूप से प्रभावित किया। सरकार का कहना है कि इस दौरान 150 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। यही कारण है प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।