

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आगामी जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 में भारत केवल अपनी बात नहीं रखेगा, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों की आकांक्षाओं और चिंताओं को भी दुनिया के सामने मजबूती से रखेगा।
फ्रांस और स्लोवाकिया की सप्ताह भर की यात्रा पर रवाना होने से पहले जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जी-7 में भारत की लगातार मौजूदगी वैश्विक स्तर पर देश की बढ़ती भूमिका और साझेदार देशों के भरोसे को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, “यह लगातार आठवां जी-7 शिखर सम्मेलन है, जिसमें भारत को आमंत्रित किया गया है। जी-7 में भारत केवल अपने लिए नहीं बोलेगा, बल्कि ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी आवाज देगा।”
16-17 जून को होगा G7 सम्मेलन
जी-7 शिखर सम्मेलन 16 और 17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा से यूरोप और जी-7 देशों के साथ भारत के संबंध और मजबूत होंगे।
उन्होंने कहा कि फ्रांस भारत की रणनीतिक साझेदारी में विशेष स्थान रखता है, जबकि स्लोवाकिया की यात्रा दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक अवसर है। यह 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र देश बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।
भारत-फ्रांस इनोवेशन साझेदारी पर भी फोकस
प्रधानमंत्री मोदी 14 जून को फ्रांस के नीस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप और उच्च शिक्षा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने पर केंद्रित होगा।
इसके बाद प्रधानमंत्री स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से मुलाकात करेंगे।
VivaTech 2026 में दिखेगा भारत का दम
अपनी यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में होने वाले VivaTech 2026 में हिस्सा लेंगे। इस आयोजन में भारत का अब तक का सबसे बड़ा मंडप लगाया जाएगा, जो भारत और यूरोप के बीच तकनीकी और नवाचार सहयोग को दर्शाएगा।