

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नवरात्रि के शुभ आरंभ के साथ ही फल बाजारों में इस बार एक अलग ही रुझान देखने को मिल रहा है। जहां हर साल इस सीजन में फलों की कीमतें आसमान छूती थीं, वहीं इस बार मांग ज्यादा होने के बावजूद दामों में गिरावट दर्ज की गई है। फल विक्रेताओं के अनुसार कई वर्षों बाद ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि नवरात्रि जैसे हाई डिमांड सीजन में भी फल पहले से सस्ते बिक रहे हैं। खास बात यह है कि फलों पर लगने वाले जीएसटी को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे कीमतों पर सीधा असर पड़ा है। स्थानीय थोक व्यापारी उत्तम कुमार सोनाकर ने बताया कि इस बार सेब, केला, अनार, और मौसमी जैसे फलों की खपत तो बढ़ी है, लेकिन रेट पहले के मुकाबले कम हैं। जीएसटी में कटौती और सप्लाई चैन में सुधार इसका मुख्य कारण है।
ग्राहकों को राहत, व्यापारियों को उम्मीद
इस बदलाव से ग्राहकों को जहां राहत मिली है, वहीं व्यापारियों को भी अधिक बिक्री की उम्मीद है। बाजारों में लोगों की भीड़ और फल खरीदने की उत्सुकता साफ तौर पर देखी जा सकती है। विक्रेताओं का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार 20-25% तक कीमतों में गिरावट आई है। उदाहरण के तौर पर जो सेब पहले 150 रुपये किलो बिकता था, वह अब 110-120 रुपये किलो में उपलब्ध है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार द्वारा फलों पर जीएसटी दर में की गई कटौती का सीधा फायदा आम जनता को मिला है। नवरात्रि के दौरान फलों की कीमतों में आई यह गिरावट न केवल उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि इससे व्यापार में भी नई ऊर्जा का संचार हुआ है। अब देखना यह है कि यह ट्रेंड केवल नवरात्रि तक सीमित रहता है या आने वाले त्योहारों जैसे दशहरा और दीवाली में भी कायम रहता है।