वोट से लेकर मेवे तक: कांग्रेस का मोदी सरकार पर डबल अटैक

बोली- प्रधानमंत्री और गृहमंत्री घबरा गए हैं
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश
Published on: 

‘दीवार पर लिखी इबारत साफ है’

नई दिल्ली : सियासत में इन दिनों बयानबाजी का तापमान कुछ ऐसा चढ़ा है कि राजनीति से लेकर रसोई तक सब कुछ गरम नजर आ रहा है। राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। वहीं, दीपावली से पहले मेवों की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा है। यानी कांग्रेस का संदेश साफ है—वोट की बात हो या जेब की, सवाल तो पूछे जाएंगे।

‘दीवार पर इबारत साफ’, कांग्रेस का सरकार पर सीधा वार

राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए दावा किया कि दोनों “घबराए हुए और हताश” हैं।

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी करीब दो वर्षों से तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के बीच कथित “साजिश” को उजागर कर रहे हैं।

कांग्रेस ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को भी मुद्दा बनाया है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण करोड़ों वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार पर असर पड़ रहा है। रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर कटाक्ष करते हुए उन्हें “कुटिल जोड़ी” बताया और कहा कि वे निराश, हताश और घबराए हुए हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि “दीवार पर लिखी इबारत साफ है।”

मार्च रोका, धरना हुआ और फिर दर्ज हो गई एफआईआर

मंगलवार को राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया।

करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। बाद में आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश को लेकर शिकायत मिलने पर दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। यानी मामला अब सड़क से निकलकर थाने तक पहुंच चुका है और सियासी बयानबाजी का सिलसिला भी पूरी रफ्तार में है।

महंगाई पर कांग्रेस का तंज- ‘महंगाई डायन खाय जात है’

अब बात वोट से निकलकर सीधे जेब तक पहुंची। कांग्रेस ने दीपावली से पहले मेवों की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। जयराम रमेश ने कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, लेकिन बढ़ती कीमतें मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का बजट बिगाड़ रही हैं।

कांग्रेस के मुताबिक, मेवों की कीमतों में 20 से 70 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। पार्टी ने दावा किया कि पिस्ता करीब 70 प्रतिशत, बादाम 20 से 40 प्रतिशत और काजू भी महंगा हुआ है।

रमेश ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आंकड़ों में महंगाई चाहे जितनी “मैनेज” हो जाए, लेकिन बाजार में खरीदारी करते वक्त आम आदमी की जेब पूरा हिसाब बता देती है।

कांग्रेस ने सरकार से पूछा कि महंगाई से राहत कब मिलेगी और आम परिवार की जेब पर पड़ रहे इस बोझ की जवाबदेही आखिर कौन लेगा?

सियासत में ‘वोट’ भी गर्म, बाजार में ‘नोट’ भी!

कांग्रेस के बुधवार के हमले को अगर एक लाइन में समेटें तो पार्टी ने वोट से लेकर नोट तक सरकार को घेरने की कोशिश की है। एक तरफ एसआईआर और मताधिकार का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ बढ़ती कीमतों का सवाल।

अब देखना यह है कि कांग्रेस के इन सवालों पर सरकार की ओर से क्या जवाब आता है, क्योंकि सियासत की पिच पर बयानबाजी की गेंद अभी खूब घूम रही है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in