स्मार्ट स्कूल से लेकर स्मार्ट क्लास तक, बंगाल के शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव

बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए हर संभव प्रयास करेंगे : सीएम
स्मार्ट स्कूल से लेकर स्मार्ट क्लास तक, बंगाल के शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव
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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार राजकीय शैक्षणिक संस्थानों में बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए हर संभव प्रयास करेगी।उन्होंने कहा कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, लेकिन सरकारी शैक्षणिक संस्थान, जिन पर राज्य की 90 प्रतिशत आबादी निर्भर है, प्रतिस्पर्धा और सुविधाओं के मामले में निजी संस्थानों से पिछड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उच्च अंकों के साथ उत्तीर्ण होने वाले मेधावी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, "निजी शिक्षण संस्थानों की उन्नति के लिए मैं प्रयासरत रहूंगा, साथ ही सरकारी संस्थानों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे।" अधिकारी ने कहा कि सरकार ने राज्य में सत्ता संभालने के तुरंत बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सरकारी शिक्षण संस्थानों में सुधार के लिए सरकार की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा, ‘‘हम स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट कक्षाएं स्थापित करेंगे, आधुनिक शिक्षा प्रदान करेंगे, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय उपलब्ध कराएंगे और खेल के मैदानों का विकास करेंगे।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र को राजनीति से मुक्त करने के प्रयासों के तहत शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए कदम उठाने का फैसला किया है ताकि छात्रों को शिक्षा का लाभ मिल सके।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्कूलों के बुनियादी ढांचे, पाठ्यक्रम और समग्र शिक्षा मिशन (एसएसएम) परियोजना की गुणवत्ता में सुधार के लिए विशेष पहल की जाएगी। यह परियोजना केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित है और राज्य सरकार द्वारा संचालित है।

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