New Delhi
52 मुद्दों पर विचार करेंगी संसदीय समितियां

क्रिप्टो से सांसद निधि तक, 52 मुद्दों पर विचार करेंगी संसदीय समितियां

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नयी दिल्ली : देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने, वित्तीय क्षेत्र की चुनौतियों का आकलन करने और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में संसद की स्थायी समितियां इस वित्त वर्ष में व्यापक अध्ययन करेंगी। वित्त संबंधी स्थायी समिति ने क्रिप्टो सहित आभासी डिजिटल संपत्तियों, वित्तीय क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मुद्रा प्रबंधन और आर्थिक स्थिरता समेत 46 विषयों को विस्तृत जांच के लिए चुना है। वहीं, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLAD) के तहत आवंटन बढ़ाने, विकास कार्यों को समय पर पूरा करने और धन जारी करने में तकनीकी अड़चनों को दूर करने सहित 6 विषयों पर दूसरी संसदीय समिति अध्ययन करेगी। दोनों समितियों का जोर वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं की उपयोगिता और सार्वजनिक धन के बेहतर इस्तेमाल से जुड़े मुद्दों पर रहेगा।

वित्तीय स्थिरता और एआई पर विशेष नजर

लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, वित्त संबंधी स्थायी समिति ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान वित्त मंत्रालय, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, नीति आयोग तथा सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय से जुड़े 46 विषयों का चयन किया है। समिति इन विषयों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी। भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब को समिति का अध्यक्ष फिर से नियुक्त किया गया है। इसमें लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल हैं। चयनित विषयों में मूल्य और मुद्रा स्थिरता के लिए रणनीति, मुद्रा प्रबंधन, वित्तीय क्षेत्र में नियामकीय तंत्र और सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों के मौद्रीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। वित्तीय क्षेत्र में AI के बढ़ते इस्तेमाल और आभासी डिजिटल संपत्तियों के अध्ययन के जरिए समिति इनसे जुड़े आर्थिक एवं नियामकीय पहलुओं की पड़ताल करेगी। इसके अलावा बैंकिंग, पेंशन और स्वास्थ्य बीमा क्षेत्रों की स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा तथा केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का मूल्यांकन भी समिति के एजेंडे में शामिल है। इन अध्ययनों के आधार पर संबंधित क्षेत्रों की चुनौतियों और नीतिगत सुधारों से जुड़े पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

सांसद निधि बढ़ाने की मांग पर भी अध्ययन

दूसरी ओर, सांसद निधि संबंधी संसदीय समिति ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6 विषय चुने हैं। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निल सुरेश की अध्यक्षता वाली समिति MPLAD योजना के तहत आवंटन बढ़ाने की जरूरत का आकलन करेगी। साथ ही, धन जारी करने संबंधी दिशा-निर्देशों की समीक्षा और विकास कार्यों की समयबद्ध निगरानी पर भी ध्यान दिया जाएगा। समिति योजना के सुविधा केंद्रों के कामकाज तथा ‘ई-साक्षी’ पोर्टल के माध्यम से धन जारी करने में आने वाली तकनीकी समस्याओं की जांच करेगी। ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025’ और MPLAD योजना के बीच समन्वय की संभावनाएं भी अध्ययन के प्रमुख विषयों में शामिल हैं।

2011-12 से नहीं बढ़ा सालाना आवंटन

प्रत्येक सांसद को MPLAD योजना के तहत सालाना 5 करोड़ रुपये मिलते हैं। वर्ष 2011-12 से इस राशि में बदलाव नहीं हुआ है। सांसद लंबे समय से इसे बढ़ाकर 18 से 20 करोड़ रुपये सालाना करने की मांग करते रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इस संबंध में अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। समिति का अध्ययन आवंटन, क्रियान्वयन और निगरानी से जुड़ी चुनौतियों के आकलन का अवसर प्रदान करेगा।
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