सरकारी नौकरी के नाम पर 38 लाख की धोखाधड़ी, CISF जवान और बेटा गिरफ्तार

Fraud of Rs 38 lakh in the name of government jobs; CISF jawan and his son arrested.
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बशीरहाट : पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ लोगों को केंद्र सरकार और रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। इस मामले में पुलिस ने एक कार्यरत सीआईएसएफ (CISF) जवान अब्दुल मालेक और उसके बेटे निजामुद्दीन गाजी को गिरफ्तार किया है। पिता-पुत्र की इस जोड़ी पर कुल 38 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है।

धोखाधड़ी का तरीका और मामला

मिली जानकारी के अनुसार, अब्दुल मालेक और उनका बेटा निजामुद्दीन गाजी बशीरहट थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन दोनों ने इलाके के कई बेरोजगार युवकों को अपना निशाना बनाया। उन्होंने दावा किया कि उनकी पहुंच ऊपर तक है और वे रेलवे (Railways) सहित केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में पक्की सरकारी नौकरी दिलवा सकते हैं।

भरोसा जीतने के बाद, आरोपियों ने प्रत्येक व्यक्ति से 5 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक वसूले। पुलिस के अनुसार, कई युवाओं ने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर यह राशि उन्हें सौंपी थी ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पैसे देने के काफी समय बाद भी किसी युवक को ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला और न ही कोई नौकरी मिली। जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी उन्हें टालने लगे।

कल रात, ठगी के शिकार हुए लोगों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने पिता-पुत्र को घेर लिया। मौके पर भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। सूचना मिलने पर बशीरहट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ितों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अब्दुल मालेक और निजामुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। आज पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर बशीरहट उप-मंडल अदालत में पेश किया है।

बंगाल में भर्ती भ्रष्टाचार का साया

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल पहले से ही शिक्षक भर्ती घोटाले जैसे बड़े मामलों से जूझ रहा है। राज्य के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और विधायक जीवनकृष्ण साहा जैसे बड़े नाम पहले ही जेल में हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और पैनल रद्द होने के कारण लगभग 26,000 लोगों की नौकरियां भी प्रभावित हुई हैं।

इतने बड़े राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों के बावजूद, जमीनी स्तर पर जालसाज अभी भी सक्रिय हैं और मासूम युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देकर अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं या नहीं।

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