अदालत परिसर में वकीलों की पोशाक पहनकर ठगी ! बैरकपुर कोर्ट से चार फर्जी वकील गिरफ्तार

बैंक लोन दिलाने के नाम पर फैलाया था जाल, फेसबुक विज्ञापन के जरिए फंसाते थे शिकार
Four fake lawyers arrested from Barrackpore court
अभियुक्तों को गिरफ्तार कर थाने ले जाती पुलिस Four fake lawyers arrested from Barrackpore court
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बैरकपुर: बैरकपुर अदालत परिसर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ वकीलों की काली पोशाक पहनकर धोखाधड़ी का गिरोह चलाने के आरोप में पुलिस ने दो पुरुषों और दो महिलाओं सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग खुद को वकील बताकर आम लोगों को बैंक लोन दिलाने का झांसा देते थे और उनसे मोटी रकम वसूलते थे।

फेसबुक से शुरू हुआ धोखाधड़ी का खेल

पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस गिरोह ने 'रिता दास' नामक एक फेसबुक प्रोफाइल का उपयोग करके सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिया था। विज्ञापन में दावा किया गया था कि वे बेहद कम समय में और आसान प्रक्रिया से 'प्राइवेट लोन' (निजी ऋण) दिला सकते हैं। इस विज्ञापन के झांसे में आकर बनगाँव, कांचरापाड़ा, बर्धमान और बारासात जैसे दूर-दराज के इलाकों से कई लोग इनके संपर्क में आए।

अदालत में वेश बदलकर पहुंचे जालसाज

गुरुवार को गिरोह ने लोन के इच्छुक कई व्यक्तियों को दस्तावेजी कार्रवाई के बहाने बैरकपुर अदालत बुलाया था। चारों आरोपी वकीलों की आधिकारिक पोशाक पहनकर वहां मौजूद थे ताकि किसी को उन पर शक न हो। हालांकि, जब लोन लेने आए लोग लंबे समय तक इंतजार करते रहे और उन्होंने इन 'कथित वकीलों' की बातचीत और व्यवहार पर गौर किया, तो उन्हें कुछ अटपटा लगा।

संदेह होते ही खुला राज

जब पीड़ितों ने उनसे कानूनी प्रक्रियाओं और उनके बार काउंसिल रजिस्ट्रेशन के बारे में कड़े सवाल पूछे, तो आरोपी घबरा गए। संदेह गहराने पर पीड़ितों ने उन्हें पकड़ लिया और पूछताछ शुरू की। दबाव बढ़ने पर चारों ने स्वीकार कर लिया कि वे वकील नहीं हैं और केवल ठगी करने के लिए यह वेश धारण किया था। इसके बाद तुरंत असली वकीलों को सूचित किया गया। बैरकपुर अदालत के अधिवक्ताओं ने पुष्टि की कि ये चारों सदस्य बार एसोसिएशन का हिस्सा नहीं हैं।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही बैरकपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। इनके पास से कुछ फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों से कितनी रकम की ठगी की है और क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल है।

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