

कोलकाता : वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ ज्यूरिडिकल साइंसेज (WBNUJS) के पूर्व वाइस-चांसलर और संवैधानिक कानून के क्षेत्र में प्रख्यात विद्वान, महेंद्र पाल सिंह का 8 मार्च, 2026 को सुबह 8.27 बजे निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे। सिंह ने 2006 से 2011 तक NUJS के वाइस-चांसलर के रूप में सेवा दी और अपने दूरदर्शी नेतृत्व से विश्वविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जारी शोक संदेश में उन्हें “सच्चे दूरदर्शी और हमदर्दी व लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक” बताया गया। संदेश में यह भी उल्लेख था कि उनके नेतृत्व में NUJS ने देश और विदेश में अपनी पहचान बनाई और अत्याधुनिक रिसर्च और स्कॉलरशिप की बेहतरीन डिग्रियां प्रदान करने वाला संस्थान बना। NUJS लॉ रिव्यू उनकी दूरदर्शिता और पढ़ाई-लिखाई के प्रति समर्पण की मिसाल है।
एलुमनाई अफेयर्स, आउटरीच और कम्युनिकेशन के डीन शमीक सेन ने सिंह के निधन को “बहुत बड़ा नुकसान” बताया। उन्होंने कहा कि सिंह की लीडरशिप में NUJS एक टीचिंग-फोकस्ड संस्थान से रिसर्च-केंद्रित विश्वविद्यालय में बदल गया। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बढ़ाईं, जर्मनी जैसे देशों से रिसर्चर्स को बुलाया और वर्ल्ड-क्लास फैकल्टी मेंबर्स जैसे शमनाद बशीर और सुधीर कृष्णस्वामी को विश्वविद्यालय से जोड़ा।
NUJS के वर्तमान VC नंदीमठ ओमप्रकाश वी ने उन्हें “दुनिया भर के महान लीगल एकेडेमिक्स में से एक” बताया और कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। सिंह ने प्रोफेसर चिमनी द्वारा शुरू किए गए रिसर्च कल्चर को मजबूत किया और NUJS को देश के प्रतिष्ठित NLU में बदलने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनका योगदान शिक्षा, रिसर्च और नेतृत्व के क्षेत्र में सदैव स्मरणीय रहेगा।