जादवपूर कैंपस में वाजपेयी के 'फिलिस्तीन' बयान से बढ़ा टकराव

दीवारों पर फिर नारे, एबीवीपी का ‘वंदे मातरम्’ मार्च; जवाब में एसएफआई का प्रदर्शन
फ़ाइल फोटो
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कोलकाता : जादवपूर विश्वविद्यालय में जारी वैचारिक टकराव के बीच गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एक बैनर चर्चा के केंद्र में आ गया। फिलिस्तीन के सवाल पर वाजपेयी के पुराने बयान को उद्धृत करते हुए बैनर पर उनके भाषण का वीडियो सुनने के लिए क्यूआर कोड दिया गया है। नीचे ‘जादवपूर के राष्ट्रवादी छात्र’ लिखा है। हालांकि, बैनर किसने लगाया, इसकी पुष्टि किसी संगठन ने नहीं की है।

बैनर में वाजपेयी के हवाले से कहा गया है कि अरबों की जिस भूमि पर इजरायल ने कब्जा किया है, वह उसे लौटायी जानी चाहिए तथा फिलिस्तीन जनता के न्यायसंगत और वैध अधिकार स्थापित किये जाने चाहिए। फिलिस्तीन पर वामपंथी संगठनों के रुख के बीच इस बयान को सामने लाना कैंपस में वैचारिक पलटवार माना जा रहा है।

मंगलवार आधी रात दीवार-लेखन मिटाये जाने के बाद गुरुवार सुबह चूना पुती दीवारों पर हिटलर, मुसोलिनी और आरएसएस को निशाना बनाने वाले नारे फिर दिखे। एसएफआई और डीवाईएसए ने इससे खुद को अलग बताया। चित्तप्रसाद भट्टाचार्य की मन्वंतर पर आधारित तस्वीर मिटाये जाने को लेकर भी पहले विवाद हो चुका है।

इसी बीच एबीवीपी ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ ‘वंदे मातरम् यात्रा’ निकाली। ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच रवींद्रनाथ ठाकुर, विद्यासागर, ऋषि अरविंद और नंदलाल बोस के चित्र लगाये गये। जवाब में एसएफआई ने राजा सुबोध मल्लिक रोड पर मार्च निकाला। उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा, “दीवार पर लिखोगे तो नाम मिट जायेगा, दिल में लिखोगे तो नाम रह जायेगा।"

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