बंगाल से जाते हुए भावुक हुए पूर्व राज्यपाल

कहा : बंगाल में मेरी यात्रा अभी खत्म नहीं हुई
पूर्व राज्यपाल डॉ. सी आनंद बोस को कोलकाता से जाते समय मंत्री सुजीत बोस उनका विदाई अभिवादन करते हुए
पूर्व राज्यपाल डॉ. सी आनंद बोस को कोलकाता से जाते समय मंत्री सुजीत बोस उनका विदाई अभिवादन करते हुए
Published on

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पूर्व राज्यपाल डाॅ. सी वी आनंद बोस का बंगाल के प्रति लगाव और झुकाव उनके एक खुले पत्र से जाहिर होता है। अपने पद से इस्तीफा क्यों दिया, इस पर उन्होंने खुलकर तो कुछ नहीं कहा मगर बंगाल की जनता के प्रति आभार जरूर व्यक्त किया। उन्होंने बंगाल में बिताये दिनों को याद किया। अपने पत्र में उन्होंने यहां तक कहा कि बंगाल में मेरी यात्रा अभी समाप्त नहीं हुई है। बंगाल मेरा दूसरा घर है। बोस ने कहा, ‘हालांकि, मेरा कार्यकाल समाप्त हो गया है, लेकिन पश्चिम बंगाल में मेरा सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। हालांकि बुधवार काे बंगाल से जाते हुए पूर्व राज्यपाल भावुक हो गये। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल रहते हुए उन्होंने अपना वोटर कार्ड यहां स्थानांतरित कराया है। पद से इस्तीफा देने के बाद भी उन्होंने कहा है कि वह बंगाल में वोट देने आएंगे।

लोगों के नाम लिखे एक खुला पत्र में उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे लोक भवन, कोलकाता में मेरी पारी समाप्त हो रही है, मैं एक बार फिर मुझे दिए गए समर्थन और विचार के लिए आपके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। मैं हमारे प्यारे राज्य में बिताए गए क्षणों को संजोकर रखता हूं। मुझे अपनी बहन का स्नेह, उस छोटे लड़के का मेरी पीठ पर थपथपाना, उस युवा का दृढ़ता से हाथ मिलाना, वह शक्तिशाली संदेश जो दूर से उठा हुआ हाथ देता था, याद है। उन्होंने अपने विदाई संदेश में कहा, ‘कई दशक पहले महात्मा गांधी ने कहा था कि ‘मैं बंगाल नहीं छोड़ सकता और बंगाल मुझे जाने नहीं देगा।’ आज मैं भी वही महसूस कर रहा हूं।’ टैगोर की कविता का उद्धरण देते हुए कहा, ‘यह मंत्रोच्चार, गायन और माला जपना छोड़ दो। वह (ईश्वर) वहां है जहां किसान बंजर जमीन जोत रहा है और जहां पथ-निर्माता पत्थर तोड़ रहा है।’ मित्रो! मुझे यकीन है कि बंगाल के मेरे भाई-बहन महान ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे और मैं अपने विनम्र तरीके से उसमें योगदान दूंगा। आने वाले दिनों में बंगाल गौरवशाली ऊंचाइयों को छुए। सभी के लिए समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य हो। मां दुर्गा मेरे लोगों की रक्षा करे।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in