

सिलीगुड़ी:मवेशी चोरी के संदेह में भीड़ के हमले में दो लोगों की मौत के मामले में मंगलवार को जलपाईगुड़ी रीजनल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (आरएफएसएल) की टीम ने तराबाड़ी और धिमाल में घटनास्थलों की जांच की। टीम ने दोनों स्थानों पर चार घंटे से अधिक समय बिताया और कई साक्ष्य व सुराग जुटाए। पुलिस को उम्मीद है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से मामले की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिलेगी।
शनिवार तड़के तराबाड़ी इलाके में मवेशी चोरी के संदेह में भीड़ ने दो संदिग्ध वाहनों में तोड़फोड़ करने के बाद उनमें आग लगा दी थी। वाहनों में सवार पांच लोग जान बचाकर भागे, लेकिन भीड़ ने उनका पीछा कर धिमाल इलाके में पकड़ लिया। आरोप है कि वहां उनके साथ मारपीट की गई।
इस घटना में चोपड़ा निवासी शाहिद अख्तर की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, हरियाणा निवासी साद मोहम्मद ने उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीन अन्य—आमिर, आरिफ खान और अकरम खान—घायल हुए थे और पुलिस की निगरानी में उनका इलाज कराया गया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रकीब मोहम्मद, नूर मोहम्मद, मोहम्मद अनारुल, मोहम्मद आजाद, आमिर, आरिफ खान और अकरम खान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये सभी उत्तर दिनाजपुर, बिहार और हरियाणा के रहने वाले हैं। सभी को अदालत में पेश करने पर तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
घटना के दौरान कुछ स्थानीय संदिग्धों के सेना क्षेत्र में घुसने की भी जानकारी सामने आई है। सेना के जवानों ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उनके खिलाफ लिखित शिकायत बागडोगरा थाने में दी।
पुलिस अब भीड़ में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।