कॉलेज में अगरबत्ती-गंगाजल से शुद्धीकरण, विवाद
मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेज की वाइस-प्रिंसिपल मोहम्मदी तरन्नुम को कम अटेंडेंस वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं देने के कारण गुरुवार रात भर घेरे रखा गया और जबरन इस्तीफा दिलवाया गया। इस्तीफे के बाद छात्रों द्वारा कॉलेज परिसर में अगरबत्ती जलाकर और गंगाजल छिड़ककर शुद्धीकरण किए जाने से भारी विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना पर शिक्षक समुदाय ने कड़ी नाराजगी जताई है। वाइस-प्रिंसिपल ने मीडिया को बताया कि उन्हें अंधेरे में रखकर बदसलूकी की गई और दबाव में हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की है। कलकत्ता यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव सागरमय घोष और WBCUTA के महासचिव निलय कुमार साहा समेत अन्य शिक्षक संगठनों के नेताओं ने इस मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न को बेहद चिंताजनक बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
छात्रों ने उत्पीड़न के आरोपों को किया खारिज
छात्रों ने उत्पीड़न के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि उन्होंने वाइस-प्रिंसिपल को सिर्फ घेरे में रखा था और उन्होंने अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है। विरोध प्रदर्शन करने वाली थर्ड ईयर की छात्रा नीलांजना भट्टाचार्य का कहना था कि गुरुवार रात कॉलेज में पानी नहीं होने के कारण छात्राओं को परेशानी हो रही थी, इसलिए यह विरोध जरूरी था। हालांकि, शिक्षक संगठनों का कहना है कि कम अटेंडेंस के बावजूद परीक्षा में बैठने की गैरकानूनी मांग का समर्थन नहीं किया जा सकता। एबीयूटीए के जनरल सेक्रेटरी गौतम माइती ने भी सरकार से इस पूरे मामले की गहन जांच कराने की अपील की है। शिक्षकों का मानना है कि यदि शिक्षण संस्थानों में इस तरह का माहौल बनता रहा और शिक्षकों पर हमले होते रहे, तो पूरी शिक्षा व्यवस्था चरमरा जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्यभर के शैक्षणिक हलकों में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।