

कोलकाता: विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति राज्यसभा चुनाव को लेकर गरमा गई है। मार्च में चार राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और सत्तारूढ़ टीएमसी के भीतर संभावित उम्मीदवारों को लेकर जोरदार चर्चा चल रही है।
फिलहाल टीएमसी के राज्यसभा सांसदों में साकेत गोखले, ऋतब्रत बनर्जी और सुब्रत बख्शी शामिल हैं। वहीं मौसम बेनजीर नूर पहले ही इस्तीफा देकर कांग्रेस में लौट चुकी हैं, जिससे एक सीट खाली है। सूत्रों का कहना है कि इस बार चारों सीटों पर बदलाव संभव है। सबसे बड़ी चर्चा एक वरिष्ठ पत्रकार को राज्यसभा भेजे जाने को लेकर है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, साकेत गोखले को दोबारा मौका मिलने की संभावना कम है और उनकी जगह मीडिया जगत से जुड़े किसी परिचित चेहरे को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। टीएमसी पहले भी पत्रकारों को उच्च सदन भेज चुकी है, इसलिए इस अटकल को बल मिल रहा है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
ऋतब्रत बनर्जी को लेकर संकेत हैं कि उन्हें 2026 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया जा सकता है। ऐसे में उनकी राज्यसभा सीट पर नया चेहरा आ सकता है। मौसुम नूर की सीट पर किसी अल्पसंख्यक महिला को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है, खासकर मालदा-मुर्शिदाबाद के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए।
वरिष्ठ नेता सुब्रत बक्शी के भविष्य पर अंतिम फैसला पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी लेंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले यह राज्यसभा चुनाव टीएमसी के लिए संगठनात्मक पुनर्संरचना और रणनीतिक संतुलन साधने का अहम अवसर है।