

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य की पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार की नीतियों के कारण कोलकाता का यूरोप के साथ सीधा हवाई संपर्क समाप्त हो गया और राज्य पर भारी कर्ज का बोझ बढ़ गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केंद्र के सहयोग से राज्य के परिवहन ढांचे का कायाकल्प करेगी। मुख्यमंत्री ने यहां परिवहन भवन-दो से 50 वातानुकूलित बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कोलकाता में ‘वाटर मेट्रो’ शुरू करने, महानगर से बाहर तक मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार करने, इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने तथा कल्याणी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा विकसित करने की योजना की भी घोषणा की।
पिछली सरकार के दौरान अधिकतर उड़ानें बंद हो गईं
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार विमानन क्षेत्र को मजबूत करने में विफल रही, जिसके कारण राज्य से संचालित कई अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं बंद हो गईं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा अधिकांश यूरोपीय देशों से हवाई संपर्क था। पिछली सरकार के दौरान इनमें से अधिकतर मार्गों पर उड़ानें बंद हो गईं। फिलहाल लंदन सहित किसी भी यूरोपीय शहर के लिए सीधी उड़ान सेवा उपलब्ध नहीं है।’’ पिछली टीएमसी सरकार ने कोलकाता के निकट दूसरे हवाई अड्डे के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से काम नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘तत्कालीन केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तत्कालीन मुख्यमंत्री को कोलकाता के निकट दूसरा हवाई अड्डा बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था लेकिन सरकार ने तत्काल जवाब दिया कि वह भांगर क्षेत्र में भूमि का अधिग्रहण नहीं कर सकती। वह एक कमजोर सरकार थी।’’ सीएम ने यह भी कहा कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जायेगा। शुभेंदु अधिकारी ने वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर राज्य को लगभग आठ लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले छोड़ने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘परिवहन विभाग बेहतर राजस्व अर्जित कर राज्य को उस आर्थिक बदहाली से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जो वाम मोर्चा और टीएमसी सरकारों की वजह से पैदा हुई।