आग ने छीन ली रोजी-रोटी, व्यापारी सदमे में

आग ने छीन ली रोजी-रोटी, व्यापारी सदमे में
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एक नजर मुख्य बातों पर

41 दुकानें जलकर राख, करोड़ों का नुकसान

ठंड के मद्देनजर जमा कर रखा था काफी माल

चंद मिनटों में धुएं में डूबा भूटिया मार्केट

दुकानदारों ने सरकार से लगायी मदद की गुहार

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : वेलिंगटन स्थित भूटिया मार्केट में गुरुवार को लगी भीषण आग ने दुकानदारों की उम्मीद को पलभर में राख कर दिया। इस हादसे में करीब 42 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। अनुमान लगाया जा रहा है कि आग लगने की इस घटना में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इन दुकानों में से 11 दुकानें हरियाणा, कश्मीर, दिल्ली और लुधियाना सहित अन्य राज्यों से आए व्यापारियों की थीं। बाकी दुकानें स्थानीय व्यापारियों की थीं।

चंद मिनटों में धुएं में डूबा तिब्बती स्वेटर मार्केट

तिब्बती स्वेटर मार्केट के अध्यक्ष तेनजिन ने कहा कि आग इतनी भयावह थी और तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा मार्केट धुएं और आग की लपटों से घिर गया। उन्होंने दमकल विभाग की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि फायर ब्रिगेड की टीम ने महज 15 मिनट में आग पर काबू पा लिया, जिससे आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोका जा सका और बड़ा हादसा टल गया।

एक पल में राख हुआ जीवनभर का संघर्ष

हरियाणा से आई दुकानदार लामाकेड ने भावुक होकर बताया कि वे पिछले 30 वर्षों से वेलिंगटन में दुकान लगाती आयी हैं और इसी की कमाई से पूरे परिवार का गुजारा होता रहा है। अब इस आग ने सब कुछ छीन लिया। जिंदगी भर की जमा-पूंजी पल भर में राख हो गई। उन्होंने बताया कि ठंड के कपड़े हरियाणा से लाकर बिक्री करती हैं। इन पर परिवहन के मद में मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है। इस नुकसान को सह पाना बेहद मुश्किल हो गया है।

आग ने छीनी दुकानदारों की रोजी-रोटी

आग में अपनी दुकान गंवा चुके दुकानदार मोहम्मद साबिर ने बताया इस बार ठंड अधिक पड़ने के कारण लगभग सभी दुकानदारों ने पहले से ही भारी मात्रा में माल स्टॉक कर रखा था और सबकुछ जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। आग कैसे लगी, इसका अब तक पता नहीं चल पाया है। नुकसान इतना ज्यादा है कि अब घर-परिवार चलाना भी मुश्किल हो गया है। मोहम्मद मोसी ने कहा कि एक-एक दुकान में करीब 15 से 20 लाख रुपये तक का सामान रखा था। ऐसे में कुल नुकसान का आंकड़ा करोड़ों में पहुंचने की उम्मीद है। कई दुकानदारों के पास न तो बीमा था और न ही कोई वैकल्पिक सहारा है। एमडी जहीर ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द दोबारा दुकान लगाने की अनुमति दी जाए, ताकि वे किसी तरह अपना जीवन यापन कर सकें। कुल मिलाकर दुकानदारों का कहना है कि यदि समय रहते मदद नहीं मिली, तो सैकड़ों परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच सकते हैं।

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