

आरा : भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में परिजनों के आवेदन पर आज मंगलवार को एफआईआर दर्ज हुई है। परिजनों के आवेदन पर 5 दिन बाद शाहपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है। ये मामला एनकाउंटर में शामिल पुलिसवालों के खिलाफ दर्ज किया गया है। पुलिस एनकाउंटर में भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की मौत हुई थी।
मृतक भरत तिवारी की मां आशा देवी के बयान पर शाहपुर थाने में भरत तिवारी एनकाउंटर में शामिल पुलिस कर्मियों को अभियुक्त बनाया गया है। दिए गए आवेदन के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शाहपुर थाने में मामला दर्ज किया है। आवेदन में भरत तिवारी की मां ने जगदीशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर के तत्कालीन थाना अध्यक्ष (SHO) राजेश मालाकार समेत अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद आरोपी बनाया है।
आशा देवी ने भोजपुर पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन ने कहा, 'भरत तिवारी फेसबुक पर लाइव था। वीडियो में दिखाई देता है कि भरत तिवारी ने पिस्तौल फेंक दी है। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ा और पांच गोली मारकर घायल कर दिया।'
बता दें, भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद से ही परिजन यह मांग कर रहे थे कि पुलिस कर्मियों के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और उनको फांसी दी जाए, तब जाकर के परिवार को न्याय मिल पाएगा।
17 जून 2026 को पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी को गोली लगी थी। इसके बाद इलाज के दौरान पटना के पीएमसीएच में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से लगातार यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब शाहपुर थाना में आवेदन के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सोमवार को ही आरा सदर अस्पताल में एनकाउंटर के बाद भरत तिवारी का प्राथमिक इलाज करने वाले डॉक्टर का बयान सामने आया था। डॉक्टर ने बताया था कि भरत तिवारी को चार से पांच गोलियां लगी थीं।