सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : घाटाल मास्टर प्लान को लेकर राज्य की भाजपा सरकार ने बुधवार को अहम घोषणा की है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने घाटाल मास्टर प्लान के लिए 1,200 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। बार-बार आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए घाटाल मास्टर प्लान पर काम किया जा रहा है। सीएम ने स्थानीय विधायकों और अधिकारियों को मास्टर प्लान के कार्यों में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। सीएम शुभेंदु अधिकारी मेदिनीपुर जिले के घाटाल में पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर की 207वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम इस वित्त वर्ष में घाटाल मास्टर प्लान के लिए 1,200 करोड़ रुपये आवंटित करेंगे। इसमें केंद्र 50 % राशि देगा और शेष खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। मास्टर प्लान के लिए जमीन खरीदने के वास्ते हमें आपदा प्रबंधन विभाग से कुछ धनराशि मिलेगी। हमने स्थानीय विधायकों से मास्टर प्लान का काम तेजी से आगे बढ़ाने को कहा है। सीएम ने कहा कि दुर्गा पूजा के बाद मास्टर प्लान के तहत काम युद्ध स्तर पर किया जाना चाहिए और मानसून का मौसम शुरू होने से पहले अगले साल जून तक इसे पूरा कर लिया जाना चाहिए।
‘गलत नीतियों’ का खामियाजा भुगत रहा बंगाल
शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘‘गलत नीतियों’’ की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के कारण शिक्षा के क्षेत्र में पश्चिम बंगाल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 31वें स्थान पर खिसक गया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के मामले में भी पश्चिम बंगाल की स्थिति बेहद खराब है और वह इस मामले में जम्मू-कश्मीर के साथ ‘‘प्रतिस्पर्धा’’ कर रहा है। सीएम ने कहा, ‘‘पिछली सरकार की गलत नीतियों के कारण आज हम शिक्षा के क्षेत्र में शीर्ष 10 में नहीं हैं, हम देश में 31वें स्थान पर हैं। बाल विवाह के मामले में भी हम जम्मू-कश्मीर के साथ ‘प्रतिस्पर्धा’ कर रहे हैं। राज्य में करीब 60,000 किशोरियां मां बन चुकी हैं, जिनमें से 13,000 मुर्शिदाबाद और 9,000 दक्षिण 24 परगना जिले में हैं। इस जिले (पश्चिम मेदिनीपुर) में भी ऐसे मामले सामने आए हैं।’’ करीब 1,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले घाटाल मास्टर प्लान का उद्देश्य क्षेत्र में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या से निपटना है। इसके तहत जल निकासी व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और अतिरिक्त पानी को नहरों एवं नदियों के जरिए रूपनारायण नदी में पहुंचाया जाएगा।