Father murdered in retaliation for daughter's love affair, convict sentenced to life imprisonment
सांकेतिक फोटो REP

बेटी के प्रेम प्रसंग के प्रतिशोध में पिता की हत्या, दोषी को उम्रकैद की सजा

राणाघाट पुलिस डिस्ट्रिक्ट की ट्रायल मॉनिटरिंग सेल की बड़ी जीत
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया : नदिया जिले के हंसखली थाना अंतर्गत सूर्यपुर इलाके में वर्ष 2022 में हुए यादव मंडल हत्याकांड में कानून का शिकंजा कस गया है। शुक्रवार को रानाघाट के एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मुख्य आरोपी परेश मंडल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (RI for life) की कठोर सजा सुनाई है। यह फैसला रानाघाट पुलिस डिस्ट्रिक्ट की 'ट्रायल मॉनिटरिंग सेल' के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

क्या था पूरा मामला?

हांसखाली थाना केस संख्या 516/22 (दिनांक 31/05/22) के अनुसार, सूर्यपुर निवासी यादव मंडल की हत्या पुरानी रंजिश और प्रेम प्रसंग के विवाद में कर दी गई थी। बताया जाता है कि परेश मंडल का मृतक यादव मंडल की बेटी के साथ प्रेम संबंध था, जिसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद था। इसी प्रतिशोध में परेश ने यादव मंडल की हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।

सटीक जांच और सफल अभियोजन

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई बप्पादित्य मंडल ने जांच की कमान संभाली। उन्होंने न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि तय वैधानिक अवधि के भीतर अदालत में पुख्ता चार्जशीट भी दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी श्री तापस कुंडू ने प्रभावी ढंग से पैरवी की। रानाघाट पुलिस डिस्ट्रिक्ट की ट्रायल मॉनिटरिंग सेल द्वारा मामले की लगातार निगरानी की गई, जिसके परिणामस्वरूप गवाहों और सबूतों को मजबूती से पेश किया जा सका।

अदालत का फैसला

विद्वान न्यायाधीश ने परेश मंडल को धारा 302 और 201 के तहत दोषी पाया। सजा का विवरण इस प्रकार है:

  • धारा 302 IPC: आजीवन कारावास और 10,000 रुपये का जुर्माना (जुर्माना न भरने पर एक माह का साधारण कारावास)।

  • धारा 201 IPC: तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास और 5,000 रुपये का जुर्माना (जुर्माना न भरने पर एक माह का साधारण कारावास)।

इस सजा के बाद मृतक के परिजनों ने संतोष व्यक्त किया है। पुलिस विभाग के अनुसार, यह सजा समाज में कड़ा संदेश देगी कि जघन्य अपराध करने वालों को कानून कभी नहीं बख्शता।

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