

सन्मार्ग संवाददाता, हुगली:
हुगली जिले में मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना में चार माह की मासूम बच्ची की हत्या करने वाले उसके पिता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह सनसनीखेज मामला पुरशुड़ा थाना अंतर्गत श्यामपुर, फूलपुकुर गांव का है, जहां 6 फरवरी 2022 को समीर मालिक नामक व्यक्ति ने अपनी ही बेटी पियाली मालिक की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
घटना के अनुसार, किसी घरेलू विवाद के दौरान समीर ने अपनी चार महीने की बेटी को गुस्से में आकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जब उसकी पत्नी प्रिया मालिक ने इसका विरोध किया, तो समीर ने उसकी भी गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की। हालांकि, प्रिया किसी तरह जान बचाकर घर से बाहर निकलने में सफल रही और तुरंत अपनी सास तथा पड़ोसियों की मदद से पुरशुड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की और जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर अजय मजी को सौंपी गई। अजय मजी ने पूरी निष्ठा और गंभीरता से मामले की जांच करते हुए आवश्यक साक्ष्य जुटाए और समय पर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
इस मामले की सुनवाई आरामबाग की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय अदालत) के समक्ष हुई। कई महीनों तक चले मुकदमे के बाद कोर्ट ने समीर मालिक को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि वह जुर्माना नहीं चुका पाया, तो उसे 6 महीने की अतिरिक्त कठोर सजा भुगतनी होगी।
सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुप कुमार दे ने मजबूती से पैरवी करते हुए समीर की क्रूरता को अदालत के सामने स्पष्ट किया, जिससे न्यायालय को उसे दोषी ठहराने में कोई संदेह नहीं रहा। कोर्ट के इस फैसले से मृत बच्ची की मां प्रिया मालिक और गांववालों ने राहत की सांस ली है, जिन्होंने शुरू से ही न्याय की मांग की थी।
यह फैसला समाज में एक सख्त संदेश देता है कि मासूमों पर अत्याचार करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।