सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : SIR के नाम पर कई लोगों में डर फैला हुआ है, उन्हें दस्तावेजों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उनमें से कुछ लोग इस तरह घबरा गये कि उन्होंने आत्महत्या की राह चुन ली। मृतकों में आम लोगों से लेकर बीएलओ तक शामिल हैं। इनके परिजन असहाय महसूस कर रहे हैं। नागरिक समाज संगठन देश बचाओ गणमंच की तरफ से यह दावा करते हुए प्रेस कांफ्रेंस में कई पीड़ित परिवारों ने अपना दर्द बयां किया। बीएलओं के परिवारों का कहना है कि मानसिक दबाव इतना बढ़ गया कि आत्महत्या जैसे कदम उठा लिया।
बीएलओ की पत्नी ने लगायी नौकरी की गुहार
हाल में जादवपुर में एक बीएलओ अशोक दास की मौत की खबर आयी थी। उनकी पत्नी सुदीप्ता दास ने कहा कि एसआईआर के काम का दबाव और डर के माहौल ने उनके पति की जान ले ली। सुदीप्ता ने निर्वाचन कमिशन पर कई आरोप लगाये। उसके एकलौता बेटा जो कि सिर्फ दस साल का है, उसका भरण पोषण कैसे होगा। चूंकि उनके पति टीचर थे उन्होंने प्रशासन से घर के निकट ही नौकरी का आवेदन किया। अन्य पीड़िता शिल्पी ओझा ने कहा कि एसआईआर के दबाव में ही उसके मामा प्रदीप कर की मौत हुई है। मतुआ समाज से सुकेश चौधरी और रंजीत बाइन ने कहा कि बंगाल के लोग जागरूक और प्रतिवादी हैं, एसआईआर के नाम पर जुल्म बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि हमलोग मतुआ के लोग चार दिन तक अनशन किया था मगर भाजपा से एक गद्दार ने कहा था ये लोग रोहिंग्या हैं। हमलोगों ने उनसे प्रश्न किया है कि आपको जिताने वाले हमलोग ही हैं और अभी ये लोग अपना स्वार्थ देख रहे हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर जतायी खुशी
देश बचाओ गण मंच सर्वोच्च न्यायालय के हालिया महत्वपूर्ण निर्देशों और टिप्पणियों का स्वागत किया है। देश बचाओ गण मंच के पदाधिकारी तथा पूर्व मंत्री पूर्णेंदु बसु ने कहा कि देश बचाओ गण मंच आशा करता है कि चुनाव आयोग भी इनका सम्मान करेगा और जनता को राहत प्रदान करेगा। पूर्णेंदु बसु ने आरोप लगाया कि भाजपा विभिन्न हथकंडे अपनाकर यहां 120 सीटें जीतना चाहती है, यह विशेष सूत्रों से पता चला है। भारी संख्या में लोगों को बिना हियरिंग के ही उनके नाम काटने की साजिश चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जिम्मेदारी विभिन्न एजेंसियों को दी गयी है। किसका नाम कटेगा यह भी लगभग उनलोगों ने तय कर लिया है। बंगाल में प्रत्येक वैध मतदाता के मतदान अधिकार की रक्षा के लिए देश बचाओ गण मंच अंतिम दिन तक संघर्ष और आंदोलन जारी रखेगा। एसआईआर को ध्यान में रखते हुए यह बंगाल और बंगालियों के खिलाफ भाजपा-आरएसएस के हमलों का प्रतिरोध करेगा।