नकली लॉटरी गिरोह का पर्दाफाश, तीन विक्रेता गिरफ्तार

अभियुक्तों के पास से हजारों टिकट बरामद
Fake lottery racket exposed, three vendors arrested.
सांकेतिक फोटो REP
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगांव : पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के गायघाटा इलाके में पुलिस ने एक बड़े जालसाजी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। किस्मत बदलने का सपना दिखाकर आम लोगों को नकली लॉटरी बेचने के आरोप में तीन लॉटरी विक्रेताओं को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और उन लोगों में भारी आक्रोश है जो अपनी मेहनत की कमाई इन लॉटरी टिकटों पर लगा रहे थे।

खुफिया विभाग की छापेमारी और गिरफ्तारी

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बारासात स्थित डीडीआई (डायरेक्टोरेट ऑफ डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस) की एक विशेष टीम को ठाकुरनगर इलाके में अवैध और नकली लॉटरी बेचे जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर टीम ने बुधवार को ठाकुरनगर के विभिन्न हिस्सों में सघन छापेमारी की।

इस अभियान के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में गायघाটা थाने की पुलिस को सौंप दिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ज्योति मित्र, राणा बोड़ाई और अविनाश बाला के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी ठाकुरनगर इलाके के ही निवासी बताए जा रहे हैं।

भारी मात्रा में नकली लॉटरी जब्त

पुलिस ने बताया कि तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से लगभग 2600 पीस नकली लॉटरी टिकट बरामद किए गए हैं। इन टिकटों को इस तरह से तैयार किया गया था कि आम आदमी के लिए असली और नकली में फर्क करना लगभग नामुमकिन था। पुलिस ने आरोपियों को सात दिनों की पुलिस रिमांड की अर्जी के साथ बनगाँव उप-मंडल अदालत (Bongaon Court) में पेश किया है।

सरकारी राजस्व को चूना और व्यापारियों की शिकायत

पिछले काफी समय से वेस्ट बंगाल लॉटरी ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से राज्य के विभिन्न थानों में नकली लॉटरी को लेकर शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। संगठन का आरोप था कि विक्रेताओं का एक समूह अवैध रूप से लॉटरी बेच रहा है, जिससे न केवल केंद्र और राज्य सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि वैध लॉटरी व्यवसाय पर भी बुरा असर पड़ रहा है। ये गिरोह बिना किसी लाइसेंस के सरकार की आंखों में धूल झोंककर यह काला कारोबार चला रहे थे।

जांच का दायरा और पुलिस की सक्रियता

गायघाटा थाना पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं। पुलिस के अनुसार:

  • छापेमारी ठाकुरनगर के चिकन पाड़ा और रेलवे कॉलोनी इलाके में की गई थी।

  • इस गिरोह के पीछे किसी बड़े मास्टरमाइंड के होने की आशंका जताई जा रही है।

  • पुलिस उन प्रिंटिंग प्रेस या ठिकानों की तलाश कर रही है जहाँ ये नकली टिकट छापे जाते थे।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे सालों से इस उम्मीद में लॉटरी खरीदते थे कि शायद एक दिन उनकी गरीबी दूर होगी, लेकिन अब इस धोखे ने उन्हें तोड़कर रख दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत केंद्रों से ही लॉटरी खरीदें।

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