फडणवीस की MPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की जांच के लिए समिति बनाने की सिफारिश

प्रश्नपत्र लीक : पूर्व पदाधिकारी भी होंगे राडार पर
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग
Published on: 

मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के पूर्व और मौजूदा अध्यक्षों तथा सदस्यों के कामकाज की जांच के लिए एक समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया है। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि फडणवीस ने यह सिफारिश राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को भेजी है। यह कदम आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं और परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर MPSC अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के बीच उठाया गया है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव दिया है कि समिति की अध्यक्षता हाई कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपी जाए और वह तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपें। समिति के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।यह सिफारिश संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत की गई है, जो लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों को हटाने तथा निलंबित करने से संबंधित है।

MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग समेत अलग अलग मांगों को लेकर पुणे में छह दिन से प्रदर्शन जारी है, जिसे विभिन्न वर्गों का समर्थन मिल रहा है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सात या आठ अक्टूबर को अभ्यर्थियों से मिलने की संभावना है। महाराष्ट्र सरकार ने MPSC के सचिव महेंद्र उत्तमराव हरपालकर की प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति समाप्त कर दी थी। MPSC छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद सरकार ने 30 सितंबर को कहा कि अभ्यर्थियों की मांग के अनुरूप संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत MPSC के पूर्व और मौजूदा अध्यक्ष तथा सदस्यों के कामकाज की न्यायिक जांच तीन महीने के भीतर की जाएगी।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News