कोलकाता बुक फेयर को लेकर आज से मिलेंगी अतिरिक्त बसों की सेवा

राज्य परिवहन विभाग की विशेष सेवा तहत देर रात तक चलेंगी बसें
Extra bus services for the Kolkata Book Fair will be available starting today.
फाइल फोटो
Published on

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले को लेकर साहित्य उत्सव में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ की सुविधा के लिए पश्चिम बंगाल राज्य परिवहन निगम ने विशेष बस सेवाओं का खाका तैयार किया है। यह विशेष सेवा आज से शुरू होकर मेले के अंतिम दिन यानी 3 फरवरी तक जारी रहेगी।

ईएम बाईपास और प्रमुख रूटों पर बढ़ेगी संख्या

पुस्तक मेला छुट्टियों के दिन दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने विशेष बसों के परिचालन का समय रात 10 बजे तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। दोपहर 1-00 बजे से रात 10-00 बजे तक कोलकाता के विभिन्न रूटों की बसें मेला प्रांगण के पास स्थित बस स्टैंडों से रवाना होंगी। इस बार बसें न केवल करुणामयी स्टैंड से, बल्कि मयूख भवन के सामने से भी विभिन्न गंतव्यों के लिए छूटेंगी। परिवहन विभाग ने ईएम बाईपास से गुजरने वाले रूटों, जैसे AC-12, AC-9B, AC-37, S-21 और ST-6 में बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। इसके अलावा, उल्टीडांगा के पास पीएनबी मोड़ से सीए आइलैंड के बीच सरकारी बसों की 'शटल सेवा' निरंतर चलती रहेगी ताकि यात्रियों को मुख्य जंक्शन तक पहुंचने में परेशानी न हो। उत्तर और मध्य कोलकाता के लिए डनलप-श्यामबाजार, साल्ट लेक एयरपोर्ट टाउन-उल्टीडांगा और चिनार पार्क से बसें चलेंगी। वहीं दक्षिण कोलकाता और पश्चिमी इलाकों के लिए पर्णश्री, शकुंतला पार्क, जोका, गरियाहाट, ठाकुरपुकुर, टालीगंज मेट्रो, गरिया, कमलगाजी, बारुईपुर और जादवपुर से सीधी बस सेवा उपलब्ध होगी। हावड़ा स्टेशन, मंदिरतला और बाली हॉल्ट से भी मेला प्रांगण के लिए विशेष बसें चलाई जाएंगी।

कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक

छुट्टियों के दौरान (23, 24, 25, 26, 31 जनवरी और 1 फरवरी) भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए परिवहन विभाग ने बस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की छुट्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पुस्तक प्रेमी मेले का आनंद लेने के बाद सुरक्षित और आसानी से अपने घर लौट सकें।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in