रवींद्रनाथ ठाकुर द्वारा इस्तेमाल की गई ऐतिहासिक मोटरकार का प्रदर्शनी कक्ष उद्घाटित

रवींद्रभारती सोसाइटी की अनोखी पहल
रवींद्रनाथ ठाकुर द्वारा इस्तेमाल की गई ऐतिहासिक मोटरकार का प्रदर्शनी कक्ष उद्घाटित
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर ने जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी में निवास के दौरान जिस मोटरकार का उपयोग किया था, वह वाहन ठाकुर परिवार द्वारा दानस्वरूप रवींद्रभारती सोसाइटी के संरक्षण में है। लंबे समय तक उपयोग न होने के कारण यह ऐतिहासिक कार और उसका प्रदर्शनी कक्ष जर्जर हो गया था।

टेक्नो इंडिया ग्रुप की सह-अध्यक्ष मानसी रायचौधरी के आर्थिक सहयोग से इस कक्ष का जीर्णोद्धार और मरम्मत कर इसे नए स्वरूप में तैयार किया गया। बुधवार शाम प्रदर्शनी कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मानसी रायचौधरी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में सोसाइटी के सह-सभापति न्यायमूर्ति सौमित्र पाल, महासचिव सिद्धार्थ मुखोपाध्याय, सह-सचिव रंजीत कुमार नायक, कार्यकारिणी सदस्य सौमित्र बंद्योपाध्याय, धीमान दास सहित कई सदस्य मौजूद रहे। अतिथियों ने फीता काटकर प्रदर्शनी कक्ष का उद्घाटन किया और ऐतिहासिक मोटरकार को आम लोगों के अवलोकन के लिए खोल दिया। उपस्थित लोगों ने इस पहल का तालियों से स्वागत किया। महासचिव सिद्धार्थ मुखोपाध्याय ने कहा कि यह सोसाइटी का लंबे समय से देखा गया सपना था, जो अब साकार हुआ है।

उद्घाटन के बाद शाम को सोसाइटी के पुस्तकालय सभागार में 'छूटेछे मन माटिर टाने' शीर्षक से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। उद्घाटन गीत के बाद मानसी रायचौधरी को सोसाइटी की ओर से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने संक्षिप्त संबोधन में इस ऐतिहासिक कार्य का हिस्सा बनने का अवसर देने के लिए रवींद्रभारती सोसाइटी का आभार व्यक्त किया।

न्यायमूर्ति सौमित्र पाल और सिद्धार्थ मुखोपाध्याय ने भी अपने विचार रखे।

इसके बाद 'बांग्ला गीतों के विकास में रवींद्रगीत से रवींद्रसंगीत तक' विषय पर आधारित संगीत, कविता और वाचन से सजी प्रस्तुति हुई। इसमें सुप्रिया चट्टोपाध्याय, शिवाजी बसु, तंद्रिमा दत्ता, सौमी मुखर्जी और देवाशीष दत्ता ने संगीत प्रस्तुत किया, जबकि कविता घोष, सुमिता घोष और शुभ्रा दास ने वाचन किया। हारमोनिका, मैंडोलिन, सिंथेसाइज़र, ऑक्टोपैड और तबले की संगत ने कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया।

कार्यक्रम का संयोजन और शोध डॉ. देवाशीष दत्ता, सोनाली गुप्ता, कविता घोष और जयश्री दे ने किया। सोसाइटी के कलाकार सदस्यों की प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। अंत में सभी ने सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान गाकर कार्यक्रम का समापन किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन सदस्य पियाली घोष ने किया।

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