मुस्लिमों को रमजान में छूट, हिंदू त्योहारों पर भेदभाव: क्या यही है धर्मनिरपेक्षता ?

हिंदू त्योहारों पर भेदभाव का आरोप
मुस्लिमों को रमजान में छूट, हिंदू त्योहारों पर भेदभाव: क्या यही है धर्मनिरपेक्षता ?
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नई दिल्ली - आंध्र प्रदेश सरकार ने अब तेलंगाना के बाद अपने सरकारी मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के महीने में नमाज पढ़ने के लिए कार्यालयों से जल्दी छुट्टी देने का निर्णय लिया है। यह कदम तेलंगाना सरकार द्वारा उठाए गए समान निर्णय के बाद लिया गया है। आपको बता दें कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को जल्दी ऑफिस छोड़ने की परंपरा वर्षों से जारी है।

तेलंगाना की कांग्रेस सरकार द्वारा जारी आदेश से भाजपा नाराज है। हालांकि, भाजपा जो कि तेलंगाना सरकार के खिलाफ है, आंध्र प्रदेश की टीडीपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का हिस्सा है, लेकिन इस मामले में भाजपा ने आंध्र सरकार के फैसले पर चुप्पी साध रखी है।

क्या है आदेश में ?

आदेश के तहत, इस्लाम धर्म को मानने वाले सभी कर्मचारी रमजान के दौरान नमाज अदा करने के लिए अपने कार्यालयों से जल्दी जा सकते हैं। संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, 2 मार्च से 30 मार्च तक, रमजान के महीने में सभी कार्यदिवसों पर कर्मचारियों को अपने दफ्तर या स्कूल बंद होने के एक घंटे पहले छुट्टी लेने का निर्देश दिया गया है। पहले की तरह, एक सरकारी आदेश जारी कर मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के दौरान एक घंटा पहले काम छोड़ने की अनुमति दी गई, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया है।

तेलंगाना सरकार ने शुरू की पहल

इससे पहले, तेलंगाना सरकार ने एक सर्कुलर जारी करते हुए मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के पवित्र महीने के दौरान एक घंटा पहले दफ्तर छोड़ने की अनुमति दी थी। विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने इस फैसले की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि हिंदू त्योहारों के दौरान ऐसे कदम क्यों नहीं उठाए जाते। भाजपा ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया। रमजान का महीना शुक्रवार (28 फरवरी) से शुरू होने की संभावना है।

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