डेढ़ दशक बाद आज भी प्रेरणा हैं चार शहीद जवान

रानिडांगा में दंतेवाड़ा नक्सली हमले में शहीद एसएसबी जवानों को दी श्रद्धांजलि
डेढ़ दशक बाद आज भी प्रेरणा हैं चार शहीद जवान
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सिलीगुड़ी

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली हमले में शहीद हुए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 41वीं बटालियन के चार जवानों को बुधवार को रानिडांगा स्थित बटालियन मुख्यालय में श्रद्धांजलि दी गई। घटना के 15 वर्ष बीत जाने के बावजूद जवानों की शहादत को याद करते हुए अधिकारियों और जवानों ने उनके स्मारक पर पुष्प अर्पित किए।

जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर 2011 को नक्सल विरोधी अभियान पूरा करने के बाद चार जवान मुख्यालय लौट रहे थे। इनमें मुख्य आरक्षी धर्मेश्वर नाथ, आरक्षी दिलेश चथुरोलि टी., आरक्षी प्रवीण पी. और आरक्षी चालक विवेक कुमार यादव शामिल थे। आयतुपुरा के पास पहुंचते ही घात लगाए नक्सलियों ने उनके वाहन को निशाना बनाकर आईईडी विस्फोट किया था। इस हमले में चारों जवान शहीद हो गए थे।

बुधवार को आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सीमा मुख्यालय सिलीगुड़ी की महानिरीक्षक वंदन सक्सेना ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया। इसके बाद एसएसबी के अन्य अधिकारियों और जवानों ने भी पुष्प अर्पित कर शहीदों को नमन किया।

कार्यक्रम के दौरान जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गई।

महानिरीक्षक वंदन सक्सेना ने कहा कि देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम आज भी एसएसबी के जवानों को देशसेवा के लिए प्रेरित करता है।

कार्यक्रम में सीमा मुख्यालय सिलीगुड़ी और रानिडांगा के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा 41वीं बटालियन के कमांडेंट विकास कुमार समेत बड़ी संख्या में एसएसबी अधिकारी और जवान मौजूद रहे।

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