लिफाफा सिंबल मामला : विधायक नौशाद ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

लिफाफा सिंबल मामला : विधायक नौशाद ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिए जाने पर सवाल उठाते हुए भांगड़ के आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। विधायक नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि हमारे साथ अन्याय हुआ। ऋतब्रत गुट को अब ''डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस'' कहा जाता है। आयोग ने शुक्रवार को ''लिफाफा’ चुनाव चिह्न डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस को आवंटित कर दिया जबकि पहले यह चुनावी सिंबल आईएसएफ इस्तेमाल करती थी। नौशाद सिद्दीकी के नेतृत्व वाली आईएसएफ का चुनाव चिह्न बदलकर ''अलमारी'' कर दिया गया है, जिससे पार्टी में नाराजगी है।

सोमवार को विधानसभा में मीडिया को संबोधित करते हुए नौशाद ने कहा कि हमने ''लिफाफा'' चुनाव चिह्न के साथ 2026 का विधानसभा चुनाव लड़ा था। आगामी चुनाव उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने हमसे परामर्श किए बिना एकतरफा तरीके से हमारा चुनाव चिह्न कैसे बदला? यह हमारे साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हम हिंदू मुस्लिम नहीं करते हैं। चुनाव आयोग जो सिंबल को लेकर किया है यह नहीं होना चाहिए। यह हमलोगों के साथ ठीक नहीं हुआ है। हमलोगों ने आपत्ति पत्र चुनाव आयोग को दिया है लेकिन अब तक जवाब नहीं आया इसलिए हमलोग कलकत्ता हाईकोर्ट में गये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में विपक्ष को तोड़ने की कोशिश चल रही है। तृणमूल के कई गुट हो गये हैं। उन गुटों में घास पर जोड़ा फूल को लेकर खींचतान चल रही है जिससे चुनाव आयोग ने सिंबल को फ्रिज कर दिया। यह हल नहीं है बल्कि सही हकदार को उसका हक मिलना चाहिए था चाहे वह ममता बनर्जी हों या फिर ऋतब्रत। नंदीग्राम में लोग जानते हैं कि लिफाफा किसका सिंबल है, ऐसे में जानबूझकर इस सिंबल को दूसरे को दिया गया लेकिन जनता सब समझती है और वह जवाब जरूर देगी।

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