सरकारी बैंक के CSP केंद्र में 5 करोड़ का गबन: ग्राहकों का भारी हंगामा

रसीद के नाम पर टालमटोल करता था आरोपी कर्मी, 500 ग्राहकों की मेहनत की कमाई फंसी
Embezzlement of Rs 5 crore at a government bank's CSP centre: Customers create uproar
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बारासात : उत्तर 24 परगना के देगंगा थाना अंतर्गत हादीपुर-झिकरा पंचायत इलाके में एक सरकारी बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) के कर्मी पर लगभग 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। मंगलवार को जब पुलिस आरोपी कर्मी को हिरासत में लेने पहुंची, तो ग्राहकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पंचायत कार्यालय में ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।

धोखाधड़ी का तरीका

पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बेड़ाचांपा इलाके में स्थित इस ग्राहक सेवा केंद्र में लगभग 500 ग्रामीणों ने अपने बचत के पैसे जमा किए थे। ग्राहकों का आरोप है कि केंद्र का कर्मी प्रदीप दास पैसे तो जमा कर लेता था, लेकिन उन्हें कोई आधिकारिक रसीद नहीं देता था। जब भी कोई ग्राहक रसीद मांगता, तो वह मशीन खराब होने या लिंक न होने का बहाना बनाकर उन्हें टाल देता था। पिछले तीन हफ्तों से ग्रामीण अपने पैसे वापस पाने के लिए चक्कर काट रहे थे।

पंचायत कार्यालय में तनाव

मंगलवार दोपहर हादीपुर ​झिकरा 1 पंचायत के प्रधान कमरुज्जमां की उपस्थिति में देगंगा थाने की पुलिस आरोपी प्रदीप दास को पूछताछ के लिए उठाने पहुंची। यह खबर मिलते ही सैकड़ों पीड़ित ग्राहक वहां जमा हो गए और पंचायत कार्यालय में ताला लगा दिया। ग्राहकों का आरोप था कि प्रधान ने बिना पैसे वापसी का कोई ठोस समाधान निकाले आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया, जिससे उनके पैसे मिलने की उम्मीद कम हो गई है।

पीड़ित ग्राहक अमीना बीबी ने रोते हुए बताया, "मैं दूसरों के घरों में काम करके पेट पालती हूँ। मैंने बड़ी मुश्किल से 30 हजार रुपये जमा किए थे, लेकिन मुझे कोई रसीद नहीं दी गई। अब आरोपी को पुलिस ले जा रही है, पर हमारे पैसे का क्या होगा?"

प्रधान और बैंक का रुख

पंचायत प्रधान कमरुज्जमां ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने बैंक अधिकारियों से बात की है और लगभग 5 करोड़ के गबन की शिकायत दर्ज कराई गई है। बैंक ने ग्राहकों को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच के बाद पैसे वापस किए जाएंगे। फिलहाल पुलिस आरोपी प्रदीप दास को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस बड़े घोटाले में और कौन-कौन शामिल है।

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