चुनाव आयोग कल से करेगा उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

सुरक्षा व प्रवर्तन एजेंसियां अलर्ट मोड में। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद दो दिवसीय मैराथन बैठक। कमिश्नर, आईजी, डीआईजी से लेकर प्रवर्तन एजेंसियों तक के साथ होगी समीक्षा।
चुनाव आयोग कल से करेगा उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
Published on

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव और अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में उभरती राजनीतिक गतिविधियों एवं छिटपुट अशांति की घटनाओं के मद्देनज़र राज्य में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों की व्यापक समीक्षा शुरू हो रही है। 2 और 3 मार्च को आयोजित दो दिवसीय बैठक में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

पहले दिन वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा

2 मार्च (सोमवार) को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक राज्य के विभिन्न रेंज के कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) तथा एसएसपी/एसपी के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक होगी। दोपहर 1:30 से 2 बजे तक लंच ब्रेक के बाद बैठक पुनः 2 बजे से शाम 5 बजे तक जारी रहेगी।

इस दौरान संवेदनशील जिलों की स्थिति, मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद की प्रतिक्रिया, बूथ स्तरीय सुरक्षा, केंद्रीय बलों की तैनाती और फ्लैग मार्च की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

दूसरे दिन प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मंथन

3 मार्च (मंगलवार) को सुबह 10 बजे से 11 बजे तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), राज्य पुलिस नोडल अधिकारी (SPNO) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के नोडल अधिकारी के साथ समन्वय बैठक होगी।

इसके बाद 11 बजे से 12:30 बजे तक विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों और नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा की जाएगी। इन एजेंसियों में आयकर विभाग, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), आबकारी विभाग, रिजर्व बैंक, प्रवर्तन निदेशालय (ED), सीजीएसटी, रेलवे और एयरपोर्ट प्राधिकरण, आरपीएफ, सीआईएसएफ, सीमा शुल्क विभाग तथा डाक विभाग शामिल हैं।

चुनाव आयोग कल से करेगा उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
ईरान संकट: तेल आपूर्ति पर कितना बड़ा खतरा?

अवैध धन, मादक पदार्थ और नकदी पर विशेष नजर

बैठक में चुनाव के दौरान अवैध नकदी, मादक पदार्थ, शराब और अन्य प्रलोभन सामग्री की आवाजाही रोकने की रणनीति पर विशेष जोर दिया जाएगा। सीमावर्ती जिलों और अंतरराज्यीय चेकपोस्ट पर निगरानी कड़ी करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर फोकस

सूत्रों के अनुसार, प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करना है। मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक प्रचार या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है। दो दिवसीय इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को चुनावी तैयारियों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in