

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के नाम, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर जारी विवाद में चुनाव आयोग ने ऋतब्रत बनर्जी गुट को एक बार फिर राहत देते हुए जवाब दाखिल करने की समयसीमा 25 जुलाई तक बढ़ा दी है।
इससे पहले आयोग ने दोनों गुटों को 6 जुलाई तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। ममता बनर्जी गुट ने निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब और संबंधित दस्तावेज आयोग को सौंप दिए थे, जबकि ऋतब्रत गुट को पहले 10 जुलाई तक का अतिरिक्त समय दिया गया था। अब दूसरी बार समयसीमा बढ़ाए जाने से विवाद और गहरा गया है।
चुनाव आयोग के इस फैसले पर ममता बनर्जी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि उनके गुट को ऐसी कोई अतिरिक्त राहत नहीं दी गई, जबकि ऋतब्रत गुट को बार-बार समय दिया जा रहा है। उन्होंने आयोग से आग्रह किया कि उनके द्वारा पहले ही जमा किए गए दस्तावेजों और जवाब के आधार पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।
गौरतलब है कि ऋतब्रत बनर्जी गुट ने खुद को "असली ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" बताते हुए पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं पर दावा किया है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी गुट ने भी अपने संगठनात्मक चुनाव और अधिकृत प्रतिनिधियों के दस्तावेज आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए हैं।
चुनाव आयोग दोनों पक्षों के दावों और दस्तावेजों की जांच कर रहा है। आयोग का अंतिम फैसला ही तय करेगा कि आधिकारिक तौर पर "वास्तविक" तृणमूल कांग्रेस का दर्जा किस गुट को मिलेगा।