गर्मी का वार, चुनावी प्रचार अब सुबह-शाम के पार

तपती धूप में चुनावी जंग, फिर भी मैदान संभाल रहे नेता
भाजपा उम्मीदवार शरबरी मुखर्जी अपने निर्वाचन क्षेत्र जादवपुर में प्रचार कर रही हैं
भाजपा उम्मीदवार शरबरी मुखर्जी अपने निर्वाचन क्षेत्र जादवपुर में प्रचार कर रही हैं
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प्रसेनजीत
कोलकाता: भीषण गर्मी की मार से पश्चिम बंगाल के लोग बेहाल हैं। पसीने से तर-बतर आमजन राहत के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। इस बीच मौसम विभाग ने जल्द बारिश के संकेत दिए हैं, जिससे थोड़ी राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि, राज्य में चुनावी माहौल अपने चरम पर है और तेज गर्मी के बीच प्रचार करना उम्मीदवारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

गर्मी से बचने के लिए लगभग सभी उम्मीदवारों ने अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव किया है। अब प्रचार अभियान सुबह जल्दी, करीब 7–8 बजे से शुरू हो जाता है। दोपहर की तेज धूप से बचने के लिए बीच में विराम लिया जाता है, हल्का भोजन किया जाता है और फिर शाम होते ही प्रचार दोबारा तेज कर दिया जाता है। उम्मीदवार अपने साथ पानी, टोपी, ग्लूकोज और ओआरएस जैसी जरूरी चीजें रख रहे हैं, ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे।

जादवपुर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार देबब्रत मजूमदार का भोजन बेहद सादा है—थोड़ा चावल, दाल, हल्की सब्जी और पर्याप्त पानी। उनका मानना है कि भारी भोजन से थकान बढ़ती है। वहीं, बेहला पूर्व से तृणमूल उम्मीदवार शुभाशीष चक्रवर्ती सुबह 7 बजे से ही प्रचार में जुट जाते हैं और दिन में बैठकों के बाद शाम को फिर मैदान में उतरते हैं।

जादवपुर से भाजपा उम्मीदवार शरबरी मुखर्जी भी इसी रणनीति पर काम कर रही हैं—सुबह प्रचार, दिन में बैठकें और शाम को जनसंपर्क।

कुल मिलाकर, बंगाल की राजनीति इस समय दोहरी चुनौती से जूझ रही है—एक ओर आसमान से बरसती गर्मी, तो दूसरी ओर चुनावी ताप। ऐसे में बदली हुई दिनचर्या उम्मीदवारों के लिए मजबूरी के साथ-साथ एक जरूरी रणनीति भी बन गई है।

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