

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य सरकार ने अपने बजट में वित्तीय वर्ष 2026-27 से उच्च शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार और विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। इन पहलों का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता, महिला सशक्तीकरण और आधुनिक शैक्षणिक संस्थानों का विकास करना है। मंगलवार को विधानसभा में उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने राज्य में उच्च शिक्षा के प्रसार को विशेष महत्व देने की बात कही।
उत्तर बंगाल में IIT और IIM
राज्य सरकार के प्रस्ताव के अनुसार उत्तर बंगाल में एक IIT और एक IIM स्थापित किए जाएंगे। केंद्र सरकार की मदद से ये संस्थान स्थापित किये जाएंगे। वहीं, झाड़ग्राम में 150 करोड़ रुपये की लागत से ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी। 150 करोड़ रुपये स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए आवंटित किए गए हैं। इस बजट में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को पूरी तरह लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई है।
3 चरणों में 50,000 रु. की छात्रा सहायता
महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए और ड्रॉप आउट रेट कम करने के लिए भी सरकार कदम उठा रही है। सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में स्नातक स्तर पर प्रवेश लेने वाली अविवाहित छात्राओं को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 50,000 की राशि सेमेस्टर स्तर पर तीन चरणों में पहले 10 हज़ार, 15 हजार और अंतिम पास होने के बाद 25 हजार रुपये दी जाएगी। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को 30,000 रुपये की एकमुश्त सहायता देने के लिए 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
6 नए महिला कॉलेज
राज्य सरकार कांथी, कालियाचक, जंगीपुर, सागर, तूफानगंज और फालता में छह नए महिला कॉलेज स्थापित करेगी। साथ ही सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सेनेटरी वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी तथा प्रत्येक जिले में पीपीपी मॉडल पर एक छात्रावास बनाया जाएगा, ताकि STEM शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाई जा सके।
स्वामी विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप शुरू
सरकार ने स्वामी विवेकानंद मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति को और मजबूत करने तथा विश्व के शीर्ष 100 QS रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाने वाले मेधावी छात्रों के लिए नई स्वामी विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप शुरू करने की भी घोषणा की है। इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा संस्कृत कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के उन्नयन के लिए 50 करोड़ रुपये, जादवपुर विश्वविद्यालय को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र (1000 करोड़)और राज्य (250 करोड़) की संयुक्त 1,250 करोड़ रुपये की परियोजना है। CoEE की स्थापना का भी प्रस्ताव है।