

नयी दिल्ली : सरकार ने शनिवार को 20 प्रतिशत एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा कि कर्नाटक के 56 नमूनों सहित 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से लिए गये पेट्रोल के 893 नमूनों के परीक्षण में उन्हें निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया है। इसके साथ ही सरकारी तेल कंपनियों ने राज्य के कुछ पेट्रोल पंपों पर बेचे जाने वाले ईंधन में अत्यधिक एथनॉल की मात्रा होने के कर्नाटक सरकार के दावों को चुनौती दी है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) ने सभी 893 नमूनों में एथनॉल की मात्रा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के 'आईएस 17021' विनिर्देश के तहत निर्धारित 19-21 प्रतिशत की सीमा के भीतर पाई है।
मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न स्थानों और तीनों तेल विपणन कंपनियों (OMC) को शामिल करते हुए कर्नाटक के 56 नमूनों में एथनॉल की मात्रा 19-20 प्रतिशत दर्ज की गयी, जिसका औसत 19.30 प्रतिशत रहा।
ये निष्कर्ष कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले और विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा हाल ही में जारी एक बयान का खंडन करते हैं, जिसमें दावा किया गया था कि राज्य के कुछ खुदरा बिक्री केंद्रों से एकत्र किए गए पेट्रोल के नमूनों में 26-31 प्रतिशत एथनॉल था।