निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नदिया : पश्चिम बंगाल माध्यमिक परीक्षा (Madhyamik Exam 2026) के दौरान नदिया जिले के शांतिपुर से एक भावुक कर देने वाली लेकिन प्रेरणादायक घटना सामने आई है। यहाँ एक परीक्षार्थी ने अपनी गंभीर बीमारी और शारीरिक अस्वस्थता के बावजूद हार नहीं मानी और अस्पताल के बिस्तर पर बैठकर ही भूगोल की परीक्षा दी।
घटना नदिया के शांतिपुर थाना अंतर्गत फुलिया इलाके की है। शनिवार को भूगोल की परीक्षा थी। फुलिया बालिका विद्यालय की छात्रा महिमा चौधरी अन्य छात्रों की तरह फुलिया शिक्षा निकेतन उच्च विद्यालय में अपना पेपर देने पहुंची थी। प्रश्नपत्र हाथ में लेने के कुछ ही देर बाद उसे अचानक तेज उल्टियां होने लगीं। छात्रा की बिगड़ती हालत देख केंद्र पर मौजूद शिक्षकों ने तुरंत उसे फुलिया ब्लॉक प्राथमिक उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया।
अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने जो बताया उसने सभी को चिंता में डाल दिया। डॉक्टरों के अनुसार, महिमा एक गंभीर वायरस के संक्रमण की चपेट में है। इस संक्रमण के कारण उसके शरीर में अत्यधिक कमजोरी आ गई है और उसे बार-बार उल्टियां हो रही हैं। महिमा की तबीयत 3 फरवरी को ही पहली बार परीक्षा केंद्र पर बिगड़ी थी, जहाँ उसे प्राथमिक उपचार दिया गया था, लेकिन स्थिति न सुधरने पर उसे 4 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
महिमा की पढ़ाई के प्रति निष्ठा और साल खराब न होने देने की जिद को देखते हुए प्रशासन और स्कूल अधिकारियों ने विशेष कदम उठाए। नियमों का पालन करते हुए स्वास्थ्य केंद्र के भीतर ही परीक्षा की व्यवस्था की गई। कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच महिमा ने शनिवार को अस्पताल के बेड पर बैठकर ही भूगोल का पेपर दिया।
फुलिया शिक्षा निकेतन के प्रभारी सुरेश बागची और स्वास्थ्य केंद्र की अधिकारी पूजा मैत्र ने बताया कि छात्रा की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि छात्रा को इलाज और परीक्षा दोनों की सुविधाएं एक साथ मिल सकें। गंभीर वायरस से जूझते हुए भी महिमा का परीक्षा देना उसके साहस और संकल्प की मिसाल बन गया है।