हावड़ा के पटुआ पाड़ा से लोकभवन पहुंचेगी मां दुर्गा की प्रतिमा

मूर्तिकार प्रभास की कार्यशाला में दिख रही चरम व्यस्तता,लोकभवन की ऐतिहासिक प्रतिमा बनाने को लेकर रहता है खासा उत्साह
Idols from Andul Patua Para to Grace Kolkata Lok Bhavan Durga Puja
हावड़ा के पटुआपाड़ा से यह दुर्गा प्रतिमा जायेगी लोकभवन
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : दुर्गा पूजा में अब महज दो हफ्ते का समय शेष रह गया है। हालिया मौसम के बाद जैसे ही आसमान में नीली रंगत और सफेद बादलों की आवाजाही शुरू हुई, हावड़ा के आंदुल स्थित प्रशस्त पटुआ पाड़ा के मूर्तिकारों के चेहरों पर राहत दिखाई देने लगी है। इस पूरे क्षेत्र में मूर्तिकार प्रभास चित्रकर की कार्यशाला ''भाग्यलक्ष्मी शिल्पालय'' में सबसे अधिक चहल-पहल देखी जा रही है। प्रभास पर कोलकाता स्थित ऐतिहासिक लोकभवन के लिए मुख्य दुर्गा प्रतिमा तैयार करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पूजा से लगभग पांच महीने पहले ही लोकभवन की ओर से उन्हें प्रतिमा निर्माण का ऑर्डर मिल गया था, जिसे समय पर पूरा करने के लिए कारीगर पूरी लगन के साथ काम में जुटे हैं। प्रभास चित्रकर ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से लोकभवन के लिए लगातार दुर्गा प्रतिमा का निर्माण कर रहे हैं। लोकभवन जैसे प्रतिष्ठित और गरिमामय स्थान के लिए कलाकृति तैयार करना प्रभास के लिए एक अलग ही अहसास और गर्व का विषय है। इस विशेष उपलब्धि के कारण लोकभवन प्रशासन द्वारा उन्हें हर साल दुर्गा पूजा के दौरान व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित भी किया जाता है। तय कार्यक्रम के अनुसार, तृतीया तिथि को प्रतिमा को लोकभवन ले जाया जाएगा। हावड़ा के सुदूर पटुआ पाड़ा से बनकर कोलकाता के लोकभवन तक प्रतिमा का पहुंचना न केवल प्रभास बल्कि पूरे क्षेत्र के कलाकारों के लिए सम्मान की बात है।

पटुआपाड़ा की अन्य कार्यशालाओं में भी अंतिम चरण का काम जारी

सिर्फ प्रभास की कार्यशाला ही नहीं, बल्कि आंदुल के पूरे पटुआपाड़ा में पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अलग-अलग कार्यशालाओं में कलाकार अपनी मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। कहीं बांस और पुआल के ढांचे पर मिट्टी चढ़ाने का काम चल रहा है, तो कहीं प्रतिमाओं को फिनिशिंग दी जा रही है। इसके साथ ही देवी की वेशभूषा और आभूषणों से सजाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। बारिश की आशंका दूर होते ही सभी मूर्तिकार समय सीमा के भीतर अपने ऑर्डर पूरे करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।

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