निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नदिया: गरीबी इंसान से क्या कुछ नहीं छीन लेती, लेकिन पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से जो खबर आई है, उसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। भीमपुर थाना क्षेत्र में एक सातवीं कक्षा के छात्र ने सिर्फ इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि उसकी मां उसे पैसों की तंगी के कारण तीर्थ स्थल 'तारापीठ' साथ नहीं ले जा सकी थी। जिस मां ने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए उसे घर पर छोड़ा था, उसे क्या पता था कि लौटकर उसे बेटे की अर्थी देखनी पड़ेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भीमपुर निवासी इस परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। छात्र के पिता का देहांत काफी समय पहले हो चुका था। घर की पूरी जिम्मेदारी मां के कंधों पर थी, जो दूसरों के घरों और होटलों में खाना बनाकर किसी तरह अपने बेटे और बेटी का पेट पाल रही थी। सोमवार को महिला अपनी बेटी के नाम पर मन्नत मांगने और पूजा करने के लिए तारापीठ जाने की तैयारी कर रही थी।
मृतक छात्र भी अपनी मां और बहन के साथ तारापीठ जाने की जिद कर रहा था। मां ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन हकीकत यह थी कि उसके पास तीन लोगों का गाड़ी भाड़ा और वहां रुकने का खर्च उठाने के पैसे नहीं थे। मां ने भारी मन से फैसला लिया कि वह केवल अपनी बेटी को साथ ले जाएगी और बेटे को घर पर ही छोड़ देगी। उसे उम्मीद थी कि वह जल्द ही पूजा करके लौट आएगी।
सोमवार की रात छात्र घर में अकेला था। मां और बहन के जाने के बाद वह गहरे अवसाद और अभिमान (अपमानबोध) में चला गया। मंगलवार की सुबह जब घर के अन्य सदस्य उसे जगाने पहुंचे, तो कमरे का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। छात्र का शव पंखे से लटका हुआ पाया गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और तुरंत भीमपुर थाना पुलिस को सूचित किया गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से उतारा और शक्तिनगर जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तारापीठ में पूजा कर रही मां को जब फोन पर यह खबर मिली, तो वह सुध-बुध खो बैठी। वह तुरंत अपनी बेटी के साथ वापस लौटी। अस्पताल परिसर में मां का करुण विलाप देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। बिलखती मां बार-बार यही कह रही थी, "तीन लोगों का किराया बहुत ज्यादा हो रहा था, इसलिए मैंने उसे रुकने को कहा था। मुझे क्या पता था कि मेरा बेटा इतनी बड़ी सजा देगा।"
भीमपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अभावों में जी रहे बच्चों के कोमल मन पर गरीबी का कितना गहरा असर पड़ता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लड़का पढ़ाई में अच्छा था और शांत स्वभाव का था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।