

इस्लामाबाद : पाकिस्तान में होने वाली अमेरिका और ईरान के बीच अहम वार्ता के प्रारूप को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अलग-अलग रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि बातचीत सीधी होगी या मध्यस्थों के जरिए, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बातचीत अप्रत्यक्ष रूप से भी हो सकती है, जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधि अलग-अलग कमरों में बैठेंगे और पाकिस्तान के अधिकारी प्रस्तावों का आदान-प्रदान कराएंगे। वहीं कुछ रिपोर्टों में इसे 1979 के बाद पहली सीधी उच्चस्तरीय वार्ता बताया गया है।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ कर रहे हैं। दोनों प्रतिनिधिमंडल पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग मुलाकात करेंगे, जिसके बाद मुख्य वार्ता शुरू होने की संभावना है।
पाकिस्तान ने वार्ता के लिए नेविगेशन, परमाणु मुद्दों और अन्य अहम क्षेत्रों के विशेषज्ञों की टीम तैयार की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि संघर्ष समाप्त करने की दिशा में यह ‘मेक या ब्रेक’ चरण साबित हो सकता है।
क्षेत्रीय स्तर पर मिस्र, तुर्किये और चीन भी इस वार्ता पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि लेबनान में युद्धविराम सहित उसकी शर्तें पूरी होने पर ही बातचीत आगे बढ़ेगी।