

नई दिल्ली : BRICS बैठक में शामिल होने भारत आए ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अमेरिका पर भरोसा न करने की कई वजहें हैं, लेकिन अमेरिकी ईरान पर बिना किसी संदेह के भरोसा कर सकते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अराघची ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत “विश्वास की कमी” से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अमेरिका अपने युद्ध के लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाया, तब उसने बातचीत का रास्ता अपनाया।
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश किसी भी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है। “ईरान सिर्फ सम्मान की भाषा समझता है,” उन्होंने जोर देते हुए कहा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि ईरान से जुड़े किसी भी मुद्दे का सैन्य समाधान संभव नहीं है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अराघची ने माना कि फिलहाल एक “कमजोर संघर्षविराम” बना हुआ है, क्योंकि ईरान कूटनीति को मौका देना चाहता है। भारत की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नई दिल्ली क्षेत्र में शांति स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है और ईरान ऐसे किसी भी प्रयास का स्वागत करेगा।
चीन को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक रुख दिखाया और कहा कि अगर कोई देश शांति प्रयासों में मदद करना चाहता है, तो ईरान तैयार है। इस दौरान भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भी चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में बढ़ती अस्थिरता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर डाल सकती है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अराघची ने कहा कि यह सभी के लिए खुला है, लेकिन उन देशों के जहाजों के लिए नहीं जो ईरान के साथ युद्ध में शामिल हैं। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि युद्ध खत्म होने के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।
गौरतलब है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को सीधे प्रभावित कर सकता है।