डॉ. श्यामा प्रसाद के नाम पर नई बैक्टीरिया प्रजाति की खोज

रायगंज विश्वविद्यालय को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी
Published on

कोलकाता : रायगंज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बैक्टीरिया की एक नई प्रजाति की खोज कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस नई प्रजाति का नाम 'भारत केसरी' डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर 'माइक्रोमोनोस्पोरा श्यामाप्रसादी' रखा गया है। इस नाम को अंतरराष्ट्रीय सेक-कोड रजिस्ट्री में भी आधिकारिक मान्यता मिल गई है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अर्णब सेन ने बताया कि इस बैक्टीरिया की खोज शहतूत के पेड़ की जड़ों के आसपास की मिट्टी (राइजोस्फियर) से की गई है। शोध का नेतृत्व सिरीकल्चर विभाग के प्रोफेसर अमित कुमार मंडल ने किया। इस शोध में विश्वविद्यालय के कई विभागों के वैज्ञानिकों ने मिलकर काम किया।

शोधकर्ताओं के अनुसार, माइक्रोमोनोस्पोरा समूह के बैक्टीरिया दवाओं, खासकर एंटीबायोटिक तथा जैव-प्रौद्योगिकी में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण एंजाइम बनाने के लिए जाने जाते हैं। इसलिए इस नई खोज से भविष्य में चिकित्सा और वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

विश्वविद्यालय का कहना है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर इस बैक्टीरिया का नाम रखना उनके योगदान को वैज्ञानिक जगत की ओर से दी गई एक विशेष श्रद्धांजलि है। साथ ही, यह उपलब्धि रायगंज विश्वविद्यालय के लिए भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मानी जा रही है।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in