कोविड टीके से दिव्यांगता ? : हर्जाने के लिए मुकदमा दायर करने का आदेश

जाने कोर्ट में क्या हुआ
कोविड टीके से दिव्यांगता ? : हर्जाने के लिए मुकदमा दायर करने का आदेश
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नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कथित तौर पर कोविड-19 टीके की पहली खुराक के दुष्प्रभावों के कारण दिव्यांगता का सामना करने वाले एक याचिकाकर्ता से सोमवार कहा कि वह अपनी याचिका को आगे बढ़ाने के बजाय हर्जाने के लिए मुकदमा दायर करें। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह के पीठ ने कोविड-19 टीकाकरण के विशेष संदर्भ में टीकाकरण के बाद होने वाले दुष्प्रभावों के प्रभावी समाधान के लिए उचित दिशानिर्देश निर्धारित करने के निर्देश देने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।

पीठ ने कहा, ‘अगर आप अपनी याचिका यहीं लंबित रखेंगे तो दस साल तक कुछ नहीं होगा। यदि आप कम से कम मुकदमा दायर करेंगे तो आपको कुछ त्वरित राहत मिलेगी।’ याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि व्यक्ति कोविड टीके की पहली खुराक लेने के बाद उसके प्रतिकूल प्रभावों से पीड़ित है, क्योंकि उसके पैरों में 100 प्रतिशत दिव्यांगता हो गयी है। न्यायमूर्ति गवई ने कहा, ‘इसके लिए रिट याचिका कैसे दायर की जा सकती है? क्षतिपूर्ति के लिए मुकदमा दायर करें।’ वकील ने पीठ से अनुरोध किया कि उन्हें अपने मुवक्किल के साथ इस पर चर्चा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए। इसके बाद मामले को एक हफ्ते के बाद के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया।

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