बारुईपुर एनकाउंटर पर गरजे दिलीप घोष, विपक्ष और बुद्धिजीवियों को दी खुली चुनौती

एनकाउंटर पर उठे सवालों पर बोले- 'अपराधियों को बचाने वालों का भी विरोध होना चाहिए', बुद्धिजीवियों पर भी साधा निशाना
बारुईपुर एनकाउंटर पर गरजे दिलीप घोष, विपक्ष और बुद्धिजीवियों को दी खुली चुनौती
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर एनकाउंटर को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने विपक्ष और एनकाउंटर पर सवाल उठाने वालों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अपराधी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई सही थी और इस पर राजनीति करना उचित नहीं है।

दिलीप घोष ने कहा कि विपक्ष बार-बार एनकाउंटर का वीडियो और सबूत मांग रहा है, जबकि घटना खुले मैदान में हुई थी। उन्होंने सवाल किया, "क्या हर जगह CCTV या वीडियोग्राफी होगी? अपराधी को सजा मिली, फिर भी कुछ लोग संतुष्ट नहीं हैं। आखिर वे चाहते क्या हैं?"

उन्होंने कहा कि अगर हर मामले में अपराधियों को बचाकर केवल लंबी कानूनी प्रक्रिया चलती रहे, तो इससे कानून-व्यवस्था पर असर पड़ेगा। सरकार ऐसा होने नहीं देगी।

मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का भी विरोध कर रहा है। उनके मुताबिक, जो लोग एनकाउंटर का विरोध कर रहे हैं, वे सरकार का नहीं बल्कि अपराधियों का पक्ष ले रहे हैं।

दिलीप घोष ने कुछ बुद्धिजीवियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि समाज में बढ़ते अपराध के पीछे ऐसे लोगों की सोच भी जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अपराध होता है तब भी विरोध होता है और जब अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होती है तब भी वही लोग विरोध करने लगते हैं।

अपने बयान में उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि लोगों को ऐसे बुद्धिजीवियों का विरोध करना चाहिए, जो अपराधियों के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा होने की संभावना है।

गौरतलब है कि बारुईपुर एनकाउंटर को लेकर विपक्ष लगातार पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई आत्मरक्षा और कानून के दायरे में की गई। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।

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