New Delhi
वैकल्पिक यात्रा बीमा के लिए अनिवार्य होगा डिजिटल भुगतान

रेलवे काउंटर से टिकट लेने पर वैकल्पिक यात्रा बीमा के लिए अनिवार्य होगा डिजिटल भुगतान

बीमा प्रीमियम सहित पूरी राशि का भुगतान डिजिटल माध्यम से करना होगा
Published on: 

नयी दिल्ली : काउंटर से रेल टिकट खरीदते समय यात्रा बीमा का विकल्प चुनने वाले यात्रियों को 27 अक्टूबर से बीमा प्रीमियम सहित पूरी राशि का भुगतान डिजिटल माध्यम से करना होगा। रेलवे बोर्ड ने सोमवार को कहा कि प्रीमियम नकद में नहीं लिया जा सकता है, ऐसे में इसका भुगतान डिजिटल माध्यम से करना होगा। अधिकारियों ने कहा कि चूंकि 5, 10, 20 और 25 पैसे के सिक्के अब कानूनी रूप से वैध मुद्रा नहीं हैं, इसलिए टिकट किराया और बीमा प्रीमियम का भुगतान ऑनलाइन ही करना होगा। सभी क्षेत्रीय रेलवे को संबोधित एक पत्र में रेलवे बोर्ड ने कहा, ‘यदि कोई यात्री बीमा का विकल्प चुनता है, वहां लागू प्रीमियम केवल डिजिटल माध्यमों से ही टिकट के किराये के साथ वसूला जाएगा। कर्मचारी यह सुनिश्चित करेंगे कि वहां भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जाए।’ चूंकि ऑनलाइन टिकट खरीदने वाले यात्रियों के पास इस वैकल्पिक बीमा की सुविधा पहले से मौजूद है, इसलिए रेलवे बोर्ड ने 6 अक्टूबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब इसे टिकट काउंटर तक बढ़ा दिया है। सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) के अधिकारियों ने कहा कि काउंटर-टिकट खरीदारों तक इस सुविधा का विस्तार करने के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर में संशोधन किए जा रहे हैं। CRIS के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमने सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव कर दिए हैं और फिलहाल परीक्षण चल रहा है। इसे मंगलवार से लागू किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि टिकट रद्द करने पर अन्य रद्दीकरण शुल्कों के साथ 45 पैसे की प्रीमियम राशि से 9 पैसे काटे जाएंगे। रेलवे बोर्ड ने 24 अक्टूबर, 2026 के अपने पत्र में कहा, ‘संबंधित क्षेत्रीय रेलवे के अंतर्गत आने वाले PRS काउंटर आरक्षण प्रणाली में उपलब्ध कराई गई कार्यक्षमता के अनुसार 27 अक्टूबर से बीमा सुविधा प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे।’ पत्र में कहा गया, ‘इस योजना को लागू करने के लिए आवश्यक प्रणाली के विकास और एकीकरण का काम IRCTC के समन्वय से CRIS द्वारा किया जा रहा है। क्षेत्रीय रेलवे को इस उद्देश्य के लिए निर्धारित प्रणाली और प्रक्रियाओं के अनुसार PRS काउंटर पर आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करनी चाहिए।’

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in