धराली में तबाही का मंजर, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

हर्षिल का हेलिपैड बना विशाल झील!
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सैलाब से हर्षिल में सेना हेलिपैड अस्थायी झील में बदला
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उत्तरकाशी : उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली में गत मंगलवार को आयी आपदा में पूरा गांव मलबे के ढेर में तबदील हो चुका है। अभी भी इस मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जतायी जा रही है। अब तक करीब 600 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है जबकि सेना के 8 जवान और एस जेसीओ सहित 60 लोग अब भी लापता हैं। बचाव अभियान लगातार जारी है। बादल फटने के बाद खीर गंगा में आयी बाढ़ से हर्षिल हेलिपैड भी पूरी तरह दब गया है। वह बड़ी झील में तब्दील हो चुका है। यहां पर सेना का बेसकैंप हुआ करता था जो कि अब मलबे में दब चुका है।

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धराली से सुरक्षित निकाले गये लोगों को मातली कैंप लाया गया

धीरे-धीरे झील का पानी बाहर निकल रहा

हर्षिल के हेलिपैड में तो विशाल झील बन गई है। हेलिपैड तो कहीं दिखाई तक नहीं दे रहा है। झील का आकार काफी बड़ा है। लेकिन यह अच्छी बात है कि धीरे-धीरे झील का पानी बाहर निकल रहा है। गौरतलब है कि गत 5 अगस्त को अचानक बादल फटते ही खीरगाड़ यानी खीरगंगा में सैलाब आ गया था। आपदा के बाद धराली और हर्षिल क्षेत्र में तबाही का मंजर साफ देखा जा सकता है। कुदरत के इस कहर में कई घर, होटल और बाजार तबाह हो गये। सैलाब अपने साथ सेना के वाहन और पूरे कैंप को बहा ले गया। इस आपदा से कैंप को कितना नुकसान हुआ है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आयी है। हर्षिल में सेना की 14 राजरिफ यूनिट तैनात है।

गंगोत्तरी हाईवे 30 मीटर धंसा

गंगोत्तरी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) का 30 मीटर हिस्सा धंस गया है। सड़क टूटी हुई है, आगे कई जगहों पर खाई बन गयी है। भटवारी से लगभग 50 किलोमीटर दूर घरावी गांव में राहत सामग्री पहुंचानी है, लेकिन रास्ता मौत का जाल बन चुका है। बारिश के बाद भूस्खलन हुआ है, जिस वजह से रास्ता ब्लॉक हो गया है।

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रेस्क्यू ऑपरेशन जारी-

आपदा पीड़ितों के लिए तत्काल सहायता की घोषणा

इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को धराली आपदा में मारे गये लोगों और अपने घर खोने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की तत्काल सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने आपदा से प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास, समग्र पुनरुद्धार और स्थायी आजीविका को मजबूत करने के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन की भी घोषणा की। सचिव (राजस्व) की अध्यक्षता वाली यह समिति एक सप्ताह के भीतर सरकार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। यह धराली गांव के भविष्य के लिए दीर्घकालिक और प्रभावी नीति का खाका तैयार करेगा, ताकि स्थानीय समुदाय की सुरक्षा और आजीविका सुनिश्चित की जा सके।

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