

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : SIR के बाद बंगाल के कई ऐसे वोटर्स, जो सालों से मतदान करते आ रहे थे, उनके नाम कट गये हैं। इन्हीं में से एक बड़ाबाजार की निवासी रानी जालान हैं। वह नेत्रहीन हैं। उनका कहना है, कि वह सालाें से वाेट देती आ रही हैं और SIR प्रक्रिया के दौरान सभी दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। वह बड़ाबाजार के वार्ड 42 के 125/1 कॉटन स्ट्रीट की निवासी हैं।
इस बारे में उनके पति विनीत जालान, जो खुद भी शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, उन्होंने बताया कि आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड और भी सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद भी उनका नाम वोटर लिस्ट के काट दिया गया है। उन्होंने बताया कि BLO के माध्यम से कोर्ट में अपील भी करवायी गयी है, मगर अभी तक कोई परिणाम सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से जिस कारण उनकी पत्नी का नाम वोटर लिस्ट से हटाया गया है, वह यह है कि उनका रेजिडेंस प्रूफ गलत बता रहा है।
हालांकि इस संबंध में सभी दस्तावेज जमा किये गए, मगर कोई पॉजिटिव परिणाम नहीं मिला। विकलांग होने के कारण वे लोग भागदौड़ करने में भी असमर्थ हैं, सभी काम उनकी बेटी को करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट में उनकी बेटी के नाम को लेकर भी कुछ समस्या हुई थी और SIR हियरिंग के लिए बुलाया गया था। हालांकि बाद में उसका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ गया है, मगर पत्नी का नाम नहीं जुड़ पाया।