'डिपोर्टेशन पहली बार नहीं हुआ' - एस जयशंकर ने राज्य सभा में दिया जवाब

राज्य सभा में दी जानकारी
'डिपोर्टेशन पहली बार नहीं हुआ' - एस जयशंकर ने राज्य सभा में दिया जवाब
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नई दिल्ली - अमेरिका से वानस भेजे गए भारतीयों के मामले में विपक्ष ने आज लोकसभा में काफी हंगामा किया। विपक्ष ने मांग करते हुए कहा कि विदेश मंत्री को जवाब देना चाहिए। ठीक ऐसा ही करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में इस मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई अमेरिकी नियमों के तहत ही की गई है। हर साल अवैध प्रवासियों को अमेरिका से भारत भेेजा जाता है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ।

एस जयशंकर ने गिनवाए आंकड़े

इसके साथ ही विदेश मंत्री ने कहा कि अवैध प्रवासी वहां अमानवीय हालात में फंसे थे। उन्हें वापस लेना ही था। उन्होंने कहा कि डिपोर्टेशन कोई नई चीज नहीं है। जयशंकर ने 2009 से अब तक के आंकड़े भी गिनाए और कहा कि हर साल अवैध प्रवासियों को वापस भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि 2012 से यही नियम लागू है।

जयशंकर ने आगे कहा कि लीगल माइग्रेशन को सपोर्ट करना और इलीगल माइग्रेशन को हतोत्साहित करना हमारे सामूहिक हित में है। अगर कोई नागरिक विदेश में अवैध रूप से रह रहा है तो उसे वापस बुलाना सभी देशों का दायित्व है। 2012 से ही मिलिट्री प्लेन में भेजने के नियम लागू है। इसमें कोई भेदभाव नहीं होता है। हम लगातार अमेरिकी सरकार के संपर्क में थे ताकि भारतीयों के साथ किसी प्रकार का कोई अमानवीय बर्ताव न हो।

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