

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने माँग की है कि अंडमान और निकोबार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड में प्रबंध निदेशक और महाप्रबंधक के पदों पर अगले 2-3 वर्षों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के अनुभवी वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की जाए, ताकि बैंक के कार्य में सुधार लाया जा सके। माकपा राज्य आयोजक समिति के सचिव डी. अय्यप्पन ने उपराज्यपाल को भेजे पत्र में 3 मार्च और 26 मई 2025 के अपने पूर्व पत्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि बैंक के कई अधिकारियों, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, निदेशक मंडल के सदस्यों और कुछ व्यापारियों के विरुद्ध अंडमान और निकोबार पुलिस ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, रिकॉर्ड में हेराफेरी, विश्वासघात, दस्तावेजों की जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत कई मामले दर्ज किए हैं। प्रवर्तन निदेशालय भी फर्जी फर्मों और शेल कंपनियों को जारी ऋण के धन प्रवाह की जाँच कर रहा है। बैंक का प्रबंध निदेशक पहले से जेल में है और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी आपराधिक मामलों और अनुशासनात्मक कार्यवाही का सामना कर रहे हैं।
अय्यप्पन ने बताया कि अंडमान और निकोबार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड एक अग्रणी वित्तीय संस्था है, जिसके लगभग तीन लाख खाता धारक हैं और इसका वार्षिक कारोबार लगभग 1200 करोड़ रुपये है। इसमें 150 नियमित (रिक्त पदों सहित) और 175 अस्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं। सैकड़ों द्वीपवासी इस बैंक में अपनी मेहनत की कमाई जमा किए हुए हैं और लगभग 15,000 लोग इसी बैंक की शाखाओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि बैंक वर्तमान में प्रबंधन संकट से गुजर रहा है क्योंकि शीर्ष पदों पर योग्य अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं। अतः बैंक की गतिविधियों को पुनर्जीवित करने और ग्राहकों के बीच विश्वास बहाल करने के लिए तत्काल अनुभवी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अधिकारियों की नियुक्ति आवश्यक है। उन्होंने उपराज्यपाल से अनुरोध किया कि बैंक के शीर्ष प्रबंधन में ऐसे योग्य और समर्पित अधिकारियों को तुरंत नियुक्त किया जाए ताकि संस्था को स्थिरता और विश्वसनीयता मिल सके।