शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के घर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग

Demand to Develop Sarat Chandra Chattopadhyay's House into Tourist Spot
प्रसिद्ध कथाकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के हावड़ा के देउलटी सामताबेड़ स्थित पैतृक घर
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा: प्रसिद्ध कथाकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के हावड़ा के देउलटी स्थित सामताबेड़ गांव के पैतृक घर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग विधानसभा में उठाई गई है। आमता के विधायक अमित सामंत ने विधानसभा में यह प्रस्ताव रखते हुए कहा कि शरतचंद्र ने अपने जीवन के अंतिम 12 वर्ष इसी घर में बिताए थे और यहीं रहते हुए उन्होंने देवदास, देना-पावना तथा रामेर सुमति जैसी कालजयी रचनाओं की सृष्टि की। विधायक ने बताया कि रूपनारायण नदी के किनारे स्थित यह ऐतिहासिक घर साहित्य प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। वर्ष 1978 की बाढ़ में घर को नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद 2001 में इसे हेरिटेज के रूप में संरक्षित किया गया।

आमता के भाजपा विधायक ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

आज भी राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग इस स्मृति-भवन को देखने पहुंचते हैं और साथ ही रूपनारायण नदी की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं। अमित सामंत ने कहा कि सामताबेड़ गांव में प्रतिवर्ष शरत मेला आयोजित किया जाता है, जिसे और अधिक आकर्षक एवं भव्य स्वरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि शरतचंद्र की 150वीं जयंती के अवसर पर उनके जन्मस्थान हुगली जिले के देवानंदपुर से सामताबेड़ तक एक शोभायात्रा निकाली जाए, ताकि महान साहित्यकार के जीवन और साहित्य को नई पीढ़ी तक व्यापक रूप से पहुंचाया जा सके।

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