दुर्गापूजा से पहले DA भुगतान की मांग

12,000 करोड़ के बकाये पर असमंजस
दुर्गापूजा से पहले DA भुगतान की मांग
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मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा में 40 दिन से भी कम समय बचा है, लेकिन सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अब तक बकाया महंगाई भत्ता (DA) नहीं मिला है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा मल्होत्रा कमेटी का जिक्र करने और सरकार के रुख के बाद शिक्षकों का असंतोष गहरा गया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि बकाया चुकाने पर करीब 12,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा, जिसे एक बार में देना मुश्किल है, लेकिन सरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मल्होत्रा कमेटी के हर निर्देश का पालन करेगी।

मल्होत्रा कमेटी को लेकर शिक्षकों ने उठाए सवाल

त्योहार के इस सीजन में वित्तीय अधिकारों पर स्थिति स्पष्ट न होने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। बंगीय शिक्षक व शिक्षा कर्मी समिति के महासचिव स्वपन मंडल ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र के माध्यम से मांग की है कि राजनीतिक वादों को निभाते हुए दुर्गा पूजा से पहले DA की कम से कम एक किस्त का तुरंत भुगतान किया जाए, ताकि शिक्षकों और कर्मचारियों को इस संकट के समय वास्तविक राहत मिल सके। शिक्षकों का तर्क है कि इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली कमेटी का मुख्य काम केवल कुल बकाया राशि तय करना और भुगतान के शेड्यूल की निगरानी करना है, न कि यह तय करना कि DA दिया जाना चाहिए या नहीं।

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