सन्मार्ग संवाददाता
मध्य अंडमान : ‘प्रशासन गांव की ओर’ पहल के तहत उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला प्रशासन ने जन-शिकायतों के समाधान और लंबित मामलों के निस्तारण में अहम कदम उठाए हैं। उपायुक्त नंदिनी महराज (आईएएस) तथा सहायक आयुक्त (मध्य अंडमान) विकास कुमार के नेतृत्व में कदमतला में पंचायती राज सदस्यों और ग्रामीणों के साथ संवाद हुआ, जिसमें महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया। हाल ही में जिला परिषद हॉल, कदमतला में उपायुक्त (उत्तर एवं मध्य अंडमान) की अध्यक्षता में राजस्व कैंप कोर्ट का आयोजन किया गया, जिसमें उपविभाजन, नाम संशोधन, म्यूटेशन आदि से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई और संबंधित आदेश मौके पर वितरित किए गए। इसी दौरान 86 वर्षीय सुनील विश्वास और उनके परिजनों को लंबे समय से लंबित भूमि विवाद से राहत मिली। विश्वास और उनके भाई-बहन 1954 की सरकारी पुनर्वास योजना के तहत अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में आए बंगाली स्थायी परिवार के वंशज हैं। रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (आरओआर) में रिश्ते के नाम की गलती के कारण वे वर्षों से भूमि अपने परिजनों के नाम स्थानांतरित नहीं कर पा रहे थे। अनेक प्रयासों के बावजूद समस्या हल नहीं हुई थी। उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत समीक्षा कर सुधार आदेश जारी किया। अपने अनुभव साझा करते हुए विश्वास ने जिला प्रशासन की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया। दौरे के दौरान उपायुक्त ने कदमतला, शांतनु और उत्तरा गांवों में कचरा डंपिंग यार्ड, कचरा पृथक्करण इकाई, पीएमएवाई क्लस्टर, अमृत सरोवर, निर्माणाधीन स्कूल भवन और उत्तरा ग्राम पंचायत जैसी विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कदमतला में भी डॉक्टरों व स्टाफ से मुलाकात कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जानी।